नयी दिल्ली , सितंबर 7 -- नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने यहां 5वें ई-फास्ट इंडिया शिखर सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया और इस दौरान उन्होंने भारत की स्वच्छ परिवहन के लिए दो महत्वपूर्ण पहलों - 'प्लेटफॉर्म फॉर एग्रीगेटिंग क्लीन ट्रांसपोर्ट (पीएसीटी)' और 'जीरो एमिशन ट्रक (ज़ेडईटी)' मार्केटप्लेस का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर श्री गौबा ने कहा कि कि लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों के बीच संरचनात्मक बिखराव, वित्तपोषण की उच्च लागत और समन्वित कॉरिडोर योजना का अभाव बाजार के विकास में प्रमुख बाधाएं हैं। उन्होंने कहा कि 'पीएसीटी' और 'जे़ईटी' मार्केटप्लेस को ठीक इसी कमी को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से मांग एकत्रीकरण, वित्तपोषण संबंधी नवाचार और कॉरिडोर-आधारित परियोजना निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ई-फास्ट चार वर्षों में परिवहन क्षेत्र पर संवाद के मंच से विकसित होकर समन्वित कार्रवाई के माध्यम के रूप में उभरा है। यह भारत में स्वच्छ परिवहन से संबंधित विमर्श में इरादे से क्रियान्वयन की ओर हुए बदलाव को दर्शाता है। श्री गौबा ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक दृष्टि से अनिवार्य है। इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाना देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
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