रांची , जून 15 -- झारखंड में भारतीय विकास ट्रस्ट (बीवीटी) ने पीएचआईए फाउंडेशन के सहयोग से रांची स्थित होटल बी.एन.आर. चाणक्य में 'मेड टेक इनोवेशन डे' का आयोजन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रिमोट का बटनदबाकर 'डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स' पहल का शुभारंभ किया। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों के परीक्षण, मूल्यांकन तथा व्यापक उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है।

भारतीय विकास ट्रस्ट और पी फाउंडेशन द्वारा संचालित "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स" इनोवेटर्स को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में अपनी चिकित्सा तकनीकों का परीक्षण करने का अवसर देगा। इससे ऐसे समाधानों के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा और उनके व्यापक उपयोग का मार्ग प्रशस्त होगा। इस पहल का उद्देश्य झारखंड के स्वास्थ्य नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत बनाना और विशेष रूप से ग्रामीण, जनजातीय तथा वंचित समुदायों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना है।

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा, "मैं भारतीय विकास ट्रस्ट, पीएचआईए फाउंडेशन और उनके सभी सहयोगियों को झारखंड में इस पहल को लाने तथा सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाला मंच तैयार करने के लिए बधाई देता हूँ। झारखंड इनोवेटर्स के लिए अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करता है, जहाँ वे स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकते हैं, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें, विशेष रूप से हमारे जनजातीय और ग्रामीण समुदायों में। स्वास्थ्य क्षेत्र आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और झारखंड जैसी भौगोलिक व सामाजिक परिस्थितियों वाले राज्य में तकनीक और नवाचार की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य के दूरदराज और आदिवासी इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है।"मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई, बायो-इंजीनियरिंग और रियल-टाइम डेटा के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। उन्होंने वहाँ मौजूद कई नवाचारों की सराहना की और कहा कि स्टार्टअप्स व शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीकों को धरातल तक पहुँचाने में राज्य सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कार्यक्रम में प्रदर्शित बिना फिल्म वाली पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन का अवलोकन किया। इस आधुनिक तकनीक को आईआईटी धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित किया गया है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, इनोवेटर्स, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र के साझेदार भी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों में बढ़ोतरी तथा डॉक्टरों की नियुक्ति को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल पर काम किया जा रहा है। उन्होंने एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और प्रस्तावित एआई कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। साथ ही 745 'अबुआ मेडिकल स्टोर' खोलने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और तकनीक को बढ़ावा देने का भरोसा दिलाया।

कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाएँ भी आयोजित की गईं। इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए मेडटेक समाधान विकसित करने की प्रक्रिया तथा सरकार, इनोवेटर्स, स्वास्थ्य संस्थानों और विकास साझेदारों के बीच सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य नवाचारों को तेजी से अपनाने और उनके विस्तार के उपायों पर चर्चा की गई।

डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएचआईए फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जॉनसन टोपनो ने कहा, "डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स सरकार, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और समुदायों को एक साथ लाकर झारखंड की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से जुड़ी चुनौतियों के समाधान का परीक्षण करने और उन्हें बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमें उम्मीद है कि यह पहल ऐसे नवाचारों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, जो व्यापक स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।" डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स, बीवीटी और पीएचआईए फाउंडेशन के व्यापक नवाचार इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आशाजनक स्वास्थ्य तकनीकों को परीक्षण और मूल्यांकन के बाद व्यापक उपयोग एवं विस्तार तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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