भोपाल , अक्टूबर 31 -- मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार दुरुपयोग के लिए नहीं, बल्कि मर्यादित आचरण के लिए है। युवाओं को इस आजादी के इतिहास और बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए।

उन्होंने मंदसौर में आयोजित 32वीं भारतीय युवा संसद में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि 'जेन जी' अराजकता का पर्याय है, जबकि 'तरुण' भारत देश के विकास को समर्पित एक विचार है।

युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय कार्यप्रणाली की जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार, हरदीप सिंह डंग, चंदर सिंह सिसौदिया, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित, सहकारिता नेता मदनलाल राठौर और आयोजक श्री आशुतोष जोशी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

श्री तोमर ने कहा कि अन्य क्षेत्रों की तुलना में व्यक्ति निर्माण का काम सबसे कठिन है। व्यापार या सेवा कार्यों में तो जल्दी सफलता मिल जाती है, लेकिन लोकतंत्र के लिए जरूरी व्यक्ति निर्माण का रास्ता बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि देश में कई आध्यात्मिक और सामाजिक संगठन यह काम कर रहे हैं, लेकिन जिस समर्पण के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बड़े पैमाने पर व्यक्ति निर्माण किया है, उसकी तुलना किसी और से नहीं हो सकती।

विधानसभा अध्यक्ष ने 'जेन जी' पर बात करते हुए कहा कि इसकी कोई सटीक परिभाषा नहीं है, इसे बस उम्र से जोड़ दिया गया है। 'जेन जी' नाम सुनते ही अराजकता याद आती है, जबकि 'तरुण' भारत कहते ही खुदीराम बोस, सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, महारानी लक्ष्मीबाई, आदि शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद जैसे महान नाम सामने आते हैं। हमें दीवार बनकर 'जेन जी' जैसी सोच को रोकना होगा, क्योंकि यह उदीयमान भारत है। इसी किशोरावस्था की विरासत ने दुनिया को विज्ञान और गणित का शून्य दिया है।

श्री तोमर ने साफ कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी किसी ने हमें थाली में परोस कर नहीं दी है, बल्कि युवाओं ने अपने प्राणों का बलिदान देकर इसे पाया है। आज के किशोर भारत को इस आजादी का महत्व समझना होगा। यह देश को आगे बढ़ाने के लिए है, नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं।

'स्व बोध: आत्म जागृति से राष्ट्र निर्माण' विषय पर बोलते हुए उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने अतीत, संस्कृति और जड़ों से जुड़कर देश निर्माण में जुट जाएं। इससे उनका अपना विकास भी होगा और आत्मिक ताकत भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आज पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ तकनीक का इस्तेमाल करना भी उतना ही जरूरी है। एआई हो या सोशल मीडिया, अगर हम तकनीक का इस्तेमाल देश और अपने हित में करेंगे, तो सबका भला होगा।

कार्यक्रम से पहले मंदसौर पहुंचने पर स्थानीय नेताओं और नागरिकों ने श्री तोमर का स्वागत किया। उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया और देश की एकता में उनके योगदान को याद किया। इसके बाद, मंदसौर से लौटते वक्त उन्होंने रतलाम में कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप के घर पहुंचकर उनकी माताजी के निधन पर अपनी श्रद्धांजलि दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित