रांची , जून 25 -- झारखंड के रांची प्रेस क्लब में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बुधवार को जमकर हमला बोला। श्री प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था आज आईसीयू में पहुंच चुकी है और लाखों छात्रों का भविष्य असुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस देशभर में छात्रों और युवाओं की आवाज बुलंद करने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है।

नीट परीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि करीब 23 लाख छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से निराश होकर कई छात्रों ने आत्मघाती कदम तक उठाए हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।

सरकार द्वारा एयरफोर्स के माध्यम से प्रश्नपत्र पहुंचाने की व्यवस्था पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि "थर्मामीटर बदलने से बुखार नहीं उतरता, बीमारी का इलाज करना पड़ता है।" उनके अनुसार सरकार मूल समस्या को दूर करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे सरकारी तंत्र के भीतर बैठे बड़े लोग शामिल हैं, लेकिन कार्रवाई केवल छोटे स्तर के लोगों पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, तब प्रधानमंत्री की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। इनमें देशभर में पेपर लीक मुक्त और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और न्यायिक जांच की मांग तथा सभी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करना शामिल है।

श्री प्रतापगढ़ी ने बताया कि राहुल गांधी लगातार विभिन्न राज्यों में छात्रों से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने देशभर के छात्रों और युवाओं से 9 अगस्त को दिल्ली पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर संसद का घेराव कर सरकार को युवाओं की आवाज सुननी होगी।

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