नयी दिल्ली , अक्टूबर 19 -- दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर रविवार को चलाए गए 'चलो यमुना' अभियान में 35 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर 70 घाटों की सफाई की।

श्री सिंह ने सोमवार को अभियान की जानकारी देते हुए इसे यमुना संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान वजीराबाद के सूर घाट और सिग्नेचर ब्रिज से लेकर यमुना बाजार, आईटीओ, निजामुद्दीन, सराय काले खां और चिल्ला तक नदी के दोनों किनारों पर स्थित 70 घाटों की सफाई की गई। अभियान के तहत कुल 76,755 किलोग्राम ठोस नगरीय कचरा हटाया गया। इस अभियान में 20 हजार नागरिकों, परिवारों और आरडब्ल्यूए सदस्यों के अलावा 10,500 कार्यकर्ताओं, 2,500 विद्यार्थियों और दो हजार एनजीओ स्वयंसेवकों ने भाग लिया। दिल्ली विश्वविद्यालय के 25 से अधिक कॉलेजों के छात्र भी सफाई अभियान में शामिल हुए। देशबंधु कॉलेज के 400 से अधिक विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। सफाई के लिए 26 जेसीबी, 19 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 24 नावें, सात वीड हार्वेस्टर और ट्रैश स्किमर तथा लोक निर्माण विभाग की 269 मेंटेनेंस वैन तैनात की गईं। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब, दिल्ली पुलिस और डीडीएमए समेत 10 से अधिक विभागों ने मिलकर अभियान को अंजाम दिया।

उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई केवल सरकारी योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके लिए जनता की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभियान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी का उद्देश्य उनमें नदी संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि घाटों की सफाई के साथ-साथ नदी में सीवेज का प्रवाह रोकना स्थायी समाधान के लिए आवश्यक है।

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