दरभंगा, मई 12 -- बिहार के प्रतिष्ठित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग की ओर से मंगलवार को "ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य देखभाल" विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष सह विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने की।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका प्रो. कुसुम कुमारी ने ग्रीष्म ऋतु में स्वास्थ्य संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी और लू से बचाव के लिए पर्याप्त जल सेवन, संतुलित एवं सुपाच्य आहार, त्वचा की देखभाल तथा जीवनशैली में आवश्यक बदलाव बेहद जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक मात्रा में तरल पदार्थ, मौसमी फल एवं हल्का भोजन लेने की सलाह देते हुए दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचने पर विशेष बल दिया।

प्रो. कुमारी ने कहा कि गर्मी के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए लोगों को लू, डिहाइड्रेशन एवं मौसमी संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने स्वस्थ दिनचर्या अपनाने और नियमित रूप से शरीर को हाइड्रेट रखने को आवश्यक बताया।

अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने कहा कि मौसमी जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं, जिसे वे अपने दैनिक जीवन के साथ-साथ समाज और समुदाय में भी उपयोग कर सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन संकाय सदस्य डॉ. प्रगति ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्राची मरवाहा ने प्रस्तुत किया।इस अवसर पर संकाय सदस्य प्रीति पीटर, सुषमा गुप्ता, डॉ. उषा कुमारी झा सहित गृह विज्ञान विभाग के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को विद्यार्थियों ने ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं जागरूकता बढ़ाने वाला बताया।

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