चंडीगढ़ , अगस्त 08 -- पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शनिवार को कहा कि पुलिस के प्रमुख गैंगस्टर विरोधी अभियान 'गैंगस्टरों पर वार' ने 200 दिन पूरे कर लिये हैं।

इस दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारी की गयी और 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ्तार किया गया। अभियान के तहत 58 हजार से अधिक गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और अन्य वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि 'गैंगस्टरों पर वार' अब केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि संगठित अपराध को समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, लॉजिस्टिक्स, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों पर भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुल 58,212 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गयी। इनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक कार्रवाई के तहत 28,201 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी और 27,624 वांछित अपराधी शामिल हैं। इसके अलावा 18,514 लोगों का सत्यापन करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई का दायरा कुल 1,04,927 लोगों तक रहा।

संगठित गिरोहों की आपराधिक क्षमता को कमजोर करने के लिए पुलिस ने उनके हथियारों और नशीले पदार्थों तक पहुंच पर भी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगजीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किये गये।

नशे और संगठित अपराध के गठजोड़ पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त की भूसी और 26,91,455 नशीली गोलियां बरामद कीं। इसके अलावा 1.73 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी, करीब 1.80 करोड़ रुपये नकद और 413.85 ग्राम सोना जब्त किया गया।

एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) प्रमोद बान ने कहा कि आज संगठित अपराध केवल अपराधियों के स्थानीय नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे हैंडलर भी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण पुलिस की जांच में वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय को शामिल किया गया है।

अभियान के दौरान विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी। एजीटीएफ ने केंद्रीय एजेंसियों और संबंधित विभागों के समन्वय से फिरोजपुर निवासी भगोड़े गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा को मध्य एशिया से तथा जोगनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया के जकार्ता से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की।

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि विदेशों में छिपे अपराधियों को भी कानून के शिकंजे से बचने का मौका नहीं मिलेगा। अभियान के तहत 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें और 926 पेटियां भी बरामद एवं नष्ट की गयीं। इसके अलावा आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किये जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन जब्त किये गये। एजीटीएफ ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने में मदद करने वाले लोगों के लिए नकद पुरस्कार योजना भी शुरू की है। पुलिस ने कहा कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

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