भोपाल , सितंबर 12 -- पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई), भोपाल द्वारा वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्व. विजय रमन के जीवन, कार्यशैली, साहस और पुलिस सेवा के अनुभवों पर आधारित पुस्तक 'खाकी वर्दी का योद्धा' का विमोचन शनिवार को दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में किया गया। पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन ने किया है।

समारोह में मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि स्व. विजय रमन के साहस, नेतृत्व क्षमता, बुद्धिमत्ता और पुलिस सेवा में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। चंबल क्षेत्र में कुख्यात डाकू पान सिंह तोमर और उसके गिरोह के खिलाफ चलाए गए अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कुख्यात आतंकवादी गाजी बाबा के खिलाफ अभियान का भी नेतृत्व किया था।

कार्यक्रम में स्व. विजय रमन की पत्नी वीना रमन तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पीआरएसआई भोपाल के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। मंच का संचालन स्व. विजय रमन की पुत्रवधू दिव्या रमन ने किया। पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.के. राउत तथा आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. रश्मि झा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

अतिथियों ने पुस्तक 'खाकी वर्दी का योद्धा' का विमोचन किया। वक्ताओं ने कहा कि स्व. विजय रमन ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कानून और कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी साहसिक कार्यशैली, निर्णय क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस सेवा से जुड़े अधिकारियों तथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

वर्ष 2023 में उनके निधन के बाद प्रकाशित इस पुस्तक में उनके जीवन, संघर्ष, अनुभवों और पुलिस सेवा में दिए गए योगदान को संजोने का प्रयास किया गया है। पुस्तक के माध्यम से स्व. विजय रमन की प्रेरणादायी यात्रा और कार्यशैली को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

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