भोपाल , अक्टूबर 07 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने, रोजगार के नाम पर घोषणाएं करने, भर्ती परीक्षाओं में देरी और पेपर लीक के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं करने तथा प्रदेश पर कर्ज बढ़ाने का आरोप लगाया है।

श्री पटवारी ने कहा कि इंदौर से उज्जैन जाते समय 'मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा' की चलती बस में आग लगने की घटना ने सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने ला दी है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 'खटारा बस परियोजना' के बाद 'खटारा युवा नीति' और 'खटारा सरकार' की पहचान बन गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले वर्ष को 'युवा वर्ष' मनाने की घोषणा की है और यूथ कॉन्क्लेव आयोजित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सांस्कृतिक कार्यक्रम में बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल को 17 लाख रुपये देकर बुलाया गया, लेकिन युवाओं के लिए व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान युवाओं और बेटियों के साथ पुलिस द्वारा कथित बदसलूकी का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग की।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में लगभग 1500 से 1600 पद रिक्त हैं, जबकि सरकार कम संख्या में पदों पर भर्ती निकाल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री की वर्ष में दो बार पीएससी परीक्षा कराने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्याप्त पद सृजित नहीं होने पर इसका औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पीएससी परीक्षाओं के परिणाम आने में तीन-तीन वर्ष तक लगते रहे हैं।

श्री पटवारी ने कहा कि सरकार आगामी वर्ष में एक लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कर रही है, जबकि पहले 2.5 लाख और पांच लाख नौकरियां देने के दावे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत पदों के आधार पर प्रदेश में करीब 13 से 14 लाख पद होने चाहिए, जबकि वर्तमान में करीब 7.4 लाख पद भरे हैं और पांच लाख से अधिक पद रिक्त हैं। पिछले 20 वर्षों में केवल 59 हजार पद भरे जाने का दावा भी उन्होंने किया।

उन्होंने कहा कि सरकारी रोजगार एवं प्लेसमेंट पोर्टल पर 25 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओं का डेटा दर्ज है, जबकि वास्तविक बेरोजगार युवाओं की संख्या करीब 70 लाख तक बताई जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के करीब तीन लाख पद रिक्त हैं और वर्ग-1 एवं वर्ग-2 की परीक्षाएं पास कर चुकी अभ्यर्थियों की नियुक्तियां लंबित हैं।

उच्च शिक्षा की स्थिति पर श्री पटवारी ने कहा कि प्रदेश के 17 सरकारी विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 86 से 87 प्रतिशत तक पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में युवाओं को शिक्षा मिलनी है, वहां शिक्षक ही नहीं हैं।

उन्होंने प्रदेश सरकार पर कर्ज बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य का कुल कर्ज लगभग 5.68 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 6.35 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया है और इसी माह करीब छह हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज की देनदारियों और ब्याज चुकाने में जा रहा है।

श्री पटवारी ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि व्यापमं घोटाले के बाद भी भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं में भरोसे का संकट बना हुआ है। उन्होंने व्यापमं मामले में आरोपित अथवा दोषी रहे लोगों के प्रभाव में होने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने स्वामित्व योजना का विरोध कर रहे पटवारियों पर देवास, भोपाल, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर निलंबन की कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार पर निष्पक्ष खबरें प्रकाशित करने वाले समाचार पत्रों पर सरकारी विज्ञापन और बकाया भुगतान रोकने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया।

श्री पटवारी ने दावा किया कि सरकार के करीब 80 प्रतिशत मंत्री मुख्यमंत्री की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं और उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिवासी मामले, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी सरकार के निर्देशों की अनदेखी की स्थिति सामने आ रही है।

उन्होंने कांग्रेस की ओर से सात मांगें रखते हुए सभी विभागों के स्वीकृत पदों की जानकारी सार्वजनिक कर पांच लाख से अधिक रिक्त पद तत्काल भरने, भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने, पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र जांच कराने, चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने, 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण के तहत लंबित पदों पर नियुक्ति करने, विश्वविद्यालयों में रिक्त पद पारदर्शी एवं योग्यता आधारित प्रक्रिया से भरने तथा रोजगार मेलों के बजाय वास्तविक एवं स्थायी सरकारी नियुक्तियां देने की मांग की।

श्री पटवारी ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के अधिकार और उनके भविष्य की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। उन्होंने कहा कि युवा अब भाषण और घोषणाओं के बजाय रोजगार, पारदर्शी भर्ती, समय पर परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति चाहते हैं।

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