शिमला , जून 10 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कारोबार करने मेंं आसानी (ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस) को बढ़ावा देने और साथ ही मज़दूरों के कल्याण एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने श्रम और रोज़गार विभाग को अपनी सभी सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल करने और सेवा प्रदान करने के तरीकों को बेहतर बनाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को यहां विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश में व्यापार और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए श्रम-संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के पालन की व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि कारोबार करने में आसानी को और बेहतर बनाया जा सके और साथ ही मज़दूरों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण को भी सुनिश्चित किया जा सके।

'हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969' और उससे संबंधित नियमों में किए गए संशोधनों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संशोधित प्रावधान पूरे राज्य में कानून के अधिक प्रभावी कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाएंगे। संशोधित नियमों के तहत, दुकानों और कमर्शियल प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे काम करने की इजाज़त दी गई है, जिससे कारोबारियों को काम करने में ज़्यादा आसानी होगी और ग्राहकों को भी सुविधा मिलेगी। श्री सुक्खू ने कहा कि इस सुधार से राज्य में कारोबार का माहौल बेहतर होने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ और परेशानी-मुक्त बनाने के लिए सर्टिफिकेट और लाइसेंस जारी करने सहित विभागीय सेवाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।श्री सुक्खू ने कहा कि इस कदम से प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे नागरिक और व्यवसाय बिना किसी अनावश्यक परेशानी के सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है और विभाग को डिजिटल बदलाव की दिशा में प्रयासों में तेज़ी लाने का निर्देश दिया।

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