तेहरान , मई 03 -- ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि मौजूदा पश्चिम एशियाई तनाव में अमेरिका की रणनीतिक स्थिति तेजी से सीमित होती जा रही है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने विकल्प अब बेहद कम रह गए हैं।
आईआरजीसी की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया कि ईरान ने अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान के लिए नाकेबंदी को लेकर एक स्पष्ट समयसीमा तय कर दी है, जबकि चीन, रूस और यूरोप का रुख भी कथित तौर पर अमेरिका के खिलाफ अधिक कठोर होता दिख रहा है।
बयान में श्री ट्रंप के कांग्रेस को भेजे गये पत्र को "निष्क्रिय" बताया गया और इसे ईरान की वार्ता शर्तों की स्वीकारोक्ति के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया गया। आईआरजीसी के दावे के मुताबिक स्थिति को समझने का केवल यही तरीका है कि श्री ट्रंप अब या तो "एक असंभव सैन्य अभियान" शुरू करें या "ईरान की शर्तों पर" समझौता कर लें।
बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिकी निर्णय-निर्माण की गुंजाइश लगातार सिमट रही है। उल्लेखनीय है कि ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे टकराव को खत्म करने के उद्देश्य से एक नया प्रस्ताव पेश किया है। यह 14-सूत्री प्रस्ताव पाकिस्तान के ज़रिए अमेरिका तक पहुंचाया गया।
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