भुवनेश्वर , अक्टूबर 31 -- चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का संकट टलने के महज कुछ ही दिनों बाद ओडिशा पर एक और चक्रवात 'मुरासु' का खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बना नया कम दबाव क्षेत्र तेजी से गहराकर दो नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास चक्रवाती तूफान के रूप में पहुंचेगा।
'मुरासु' के असर से तटीय ओडिशा में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने सभी बंदरगाहों पर चेतावनी सिग्नल-1 जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।
दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान सागर के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र शनिवार सुबह 11.30 बजे कम दबाव क्षेत्र में तब्दील हो गया। अगले 12 घंटों के भीतर इसके गहरे कम दबाव क्षेत्र में बदलने और उसके बाद के 12 घंटों के दौरान और अधिक मजबूत होकर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह प्रणाली पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगी और दो नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचेगी।
इसके प्रभाव से दो नवंबर की शाम से दक्षिणी ओडिशा तट पर और समुद्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है। तीन नवंबर की सुबह से शाम तक हवा की गति बढ़कर 50-60 किमी प्रति घंटा हो सकती है, जिसकी रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कमजोर होगी।
दक्षिण ओडिशा तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में दो नवंबर की शाम से चार नवंबर की दोपहर तक समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को दो नवंबर की शाम से चार नवंबर की दोपहर तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी ओडिशा तट के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। इसके अलावा एक नवंबर की सुबह से चार नवंबर की सुबह तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और एक नवंबर की सुबह से चार नवंबर की दोपहर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ओडिशा के सभी बंदरगाहों को 'दूरस्थ चेतावनी संकेत संख्या-1' फहराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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