होशियारपुर , अक्टूबर 19 -- पंजाब के होशियारपुर वन मंडल ने संरक्षित वन से खैर के पेड़ काटकर लकड़ी चोरी करनेके आरोप में सात लोगों को पकड़ा है और दो वाहन जब्त किए हैं। वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से खैर की लकड़ी के 20 टुकड़े और दो आरे भी बरामद किए हैं।
वन मंडल अधिकारी धर्मवीर डैरू ने सोमवार को बताया कि आरोपियों और जब्त वाहनों सहित बरामद सामग्री को सदर पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया है। आरोपियों की पहचान हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पल्हौरी निवासी वाहिद हसन, यूनुस खान, जाहिर खान और उस्मान खान तथा हरियाणा के यमुनानगर जिले के विभिन्न गांवों के निवासी कासिम, फर्दीन खान और नसीब के रूप में हुई है।
वन विभाग के अनुसार, 15 और 16 अक्टूबर की दरमियानी रात खड़कां संरक्षित वन क्षेत्र से खैर के आठ और फलाही काएक पेड़ काटकर चोरी किए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद वन अधिकारियों की विशेष टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संदिग्ध रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक सफेद महिंद्रा बोलेरो और एक कार साथ-साथ जाती दिखाई दी, जिसके आधार पर वाहनों का पता लगाया गया।
वन विभाग की टीम ने 17 अक्टूबर की शाम चंडीगढ़-होशियारपुर मार्ग पर हंदोवाल के पास दोनों वाहनों को रोक लिया। बोलेरो से खैर की लकड़ी और आरे बरामद किए गए।
वन विभाग की शिकायत पर 18 अक्टूबर को सदर पुलिस थाने में भारतीय वन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप है कि पकड़े गए लोगों ने संरक्षित वन से लकड़ी काटकर चोरी करने और उसे बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि आरोपी क्षेत्र में रहकर अवैध रूप से पेड़ काटने और चोरी की लकड़ी की ढुलाई में शामिल थे। विभाग धीरोंवाल, चक साधू और मेहलीवाली के जंगलों में पेड़ काटने की पूर्व घटनाओं में उनकी संभावित भूमिका तथा अवैध लकड़ी कारोबार के अंतरराज्यीय नेटवर्क से उनके संबंधों की भी जांच कर रहा है।
डैरू ने कहा कि अवैध रूप से खैर के पेड़ काटने के खिलाफ विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने संदिग्ध रूप से पेड़ काटे जाने या लकड़ी की आवाजाही की जानकारी नजदीकी वन कार्यालय अथवा पुलिस थाने को देने की अपील की।
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