होशियारपुर , सितंबर 08 -- पंजाब के होशियारपुर जिला स्तरीय एंटी-चाइल्ड बेगिंग टास्क फोर्स ने जांच अभियान के दौरान होशियारपुर जिले में भीख मांग रहे छह बच्चों को रेस्क्यू किया। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह कार्रवाई पंजाब सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 'प्रोजेक्ट जीवनजोत' के अंतर्गत पांच और आठ सितंबर को की गयी।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी हरप्रीत कौर के नेतृत्व में टास्क फोर्स ने होशियारपुर शहर के हनुमान मंदिर, शनि मंदिर, भंगी चोए और फूड स्ट्रीट सहित विभिन्न स्थानों तथा दसूहा के मुख्य बाजार और बस स्टैंड पर जांच की। अभियान के दौरान शनि मंदिर के पास से एक बच्चे तथा होशियारपुर की मुख्य सब्जी मंडी से पांच बच्चों को भीख मांगते हुए रेस्क्यू किया गया।

सभी छह बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। समिति ने बच्चों की काउंसलिंग करने के बाद उनकी सुरक्षा और कल्याण को ध्यान में रखते हुए उन्हें बाल गृह में दाखिल कराने का निर्णय लिया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने लोगों से अपील की कि यदि कोई बच्चा भीख मांगता या बाल श्रम में संलिप्त दिखाई दे, तो इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें। उन्होंने कहा कि जनता की छोटी-सी पहल किसी बच्चे का जीवन बदलने में मदद कर सकती है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए पंजाब सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई, होशियारपुर या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से प्राप्त की जा सकती है।

अधिकारी ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ इस तरह के जांच अभियान पहले भी चलाये गये हैं और आगे भी जारी रहेंगे। बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करने वाले अभिभावकों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान बाल संरक्षण अधिकारी जैस्मिन वशिष्ठ, कानूनी अधिकारी सुखजिंदर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अमन और चाइल्ड हेल्पलाइन पर्यवेक्षक दीक्षा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। थाना सिटी के एसएचओ गगन सिंह के निर्देश पर टास्क फोर्स के साथ दो पुलिसकर्मी भी तैनात किये गये थे।

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