होशियारपुर , फरवरी 25 -- पंजाब के होशियारपुर में एक विचाराधीन कैदी की मौत के बाद बुधवार को उसके परिजनों और समर्थकों ने यहां क्लॉक टॉवर पर धरना दिया और लगभग दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही रोकी।

अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान वाल्मीकि मोहल्ला निवासी मुनीश भट्टी के रूप में हुई है। बुधवार सुबह सेंट्रल जेल से स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गयी।

वाल्मीकि मोहल्ला के निवासियों और भट्टी के समर्थकों ने वाल्मीकि सभा के जिला युवा अध्यक्ष ऋशु आदिया, पूर्व नगर पार्षद मोहन लाल पहलवान और चिंटू हंस के नेतृत्व में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने जेल अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका दावा है कि भट्टी की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उसे समय पर चिकित्सा उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सेंट्रल जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सेंट्रल जेल के पुलिस उपाधीक्षक मनजीत सिंह ढिल्लों के अनुसार, विचाराधीन कैदी ने सुबह घबराहट की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे तुरंत सरकारी अस्पताल, होशियारपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ढिल्लों ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।

पुलिस ने बताया कि भट्टी को दो फरवरी, 2025 को सेंट्रल जेल भेजा गया था। उसके खिलाफ मॉडल टाउन थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज थे। इसके अलावा, 2019 में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एक अन्य मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उसे बाद में बरी कर दिया गया था। बाद में, उपाधीक्षक (सिटी) देव दत्त शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मौत के मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मजिस्ट्रेट को भी अनुरोध भेजा जाएगा, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना खत्म किया और यातायात बहाल हुआ। अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि नियमों के अनुसार डॉक्टरों के एक बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।

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