नयी दिल्ली , अप्रैल 23 -- सरकार ने आश्वस्त किया है कि पश्चिम एशिया के होर्मुज जलडमरूमध्य में जिन दो विदेशी जहाजों पर हमला किया गया है उन पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और सरकार स्थिति पर नजर बनाये हुए है।

दूसरी ओर रसोई गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ देश भर में अभियान जारी है और अब तक 1.5 लाख से अधिक छापे मारे गये हैं और 66,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

पश्चिम एशिया संकट के कारण उपजी स्थिति की जानकारी देने के लिए गुरुवार को यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण देश में कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित है लेकिन देश भर में किसी पेट्रोल पंप या गैस वितरण एजेन्सी ने सिलेंडर या कच्चा तेल खत्म होने की बात नहीं कही है।

उन्होंने कहा कि अब तक 41,000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं। इसके अलावा एक अप्रैल से अब तक 17 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र से अब तक 2,680 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है, जिनमें पिछले 24 घंटों में क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से लाये गये 65 लोग शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास लगातार जारी रखे हुए है।पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों तथा चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विवरण दिया।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में विदेशी जहाजों पर गोलीबारी की कुछ घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें भारतीय नाविक शामिल थे। दोनों जहाजों पर सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि ' यूफोरिया' जो पनामा ध्वज वाला एक कंटेनर पोत है, उस पर 21 भारतीय नाविक सवार हैं। वे सभी सुरक्षित हैं। इसके अलावा एपामिनोंडास जो पनामा ध्वज वाला एक कंटेनर पोत है, उस पर एक भारतीय नाविक सवार है जो सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है।

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर एलपीजी की जमाखोरी और काला बाज़ारी पर रोक लगाने के लिए पूरे देश में प्रवर्तन कार्रवाई जारी है। बुधवार को 2600 से अधिक छापे मारे गये जिसमें लगभग 285 सिलेंडर जब्त किए गए। कुल मिलाकर अब तक देशभर में 1.5 लाख से अधिक छापेमारी की जा चुकी है और 66,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 1100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 255 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

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