वाशिंगटन/लंदन , जुलाई 25 -- अमेरिका और ब्रिटेन अगले सप्ताह लंदन में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन पर चर्चा करने की तैयारी कर रहे हैं। इस योजना की जानकारी दो यूरोपीय राजनयिकों और इससे परिचित दो अन्य सूत्रों ने दी है।

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक की तिथि और एजेंडा को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें पश्चिमी देशों तथा क्षेत्रीय साझेदारों के रक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि अमेरिका और ब्रिटेन इस सम्मेलन के आयोजन की तैयारी कर रहे हैं। वाशिंगटन स्थित ब्रिटिश दूतावास ने हालांकि इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

यह प्रस्तावित गठबंधन ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने का प्रयास कर रहा है। इसे ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की उसकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा दो सप्ताह पहले इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमले शुरू किये जाने के बाद से अमेरिका ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों पर प्रतिदिन हमले कर रहा है। इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले जारी रखे तो अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों और अन्य स्थानों को निशाना बनाएगा। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे पर हमला करने की चेतावनी दी थी।

ताजा तनाव ओमान, ईरान और कतर के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन व्यवस्था को लेकर चल रही वार्ता विफल होने के बाद बढ़ा। समझौता नहीं होने पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची तेहरान लौट गये और इसके तुरंत बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले शुरू कर दिये।

ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जलडमरूमध्य को फिर से खोलने संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा के लिए तेहरान पहुंचा। इसी दिन श्री अराघची ने कहा कि उन्होंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ कई कूटनीतिक पहलों पर चर्चा की है। पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा, "मध्यस्थ की कमी हमारे और अमेरिका के बीच समस्या नहीं, बल्कि अमेरिका का दृष्टिकोण है।" श्री अराघची ने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने "वैध हितों" की रक्षा जारी रखेगा। उन्होंने कहा, "जब तक ईरानी जनता की वैध मांगें और उद्देश्य पूरे नहीं होते, तब तक हमारा अपने रास्ते पर आगे बढ़ना स्वाभाविक है।"ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, श्री अराघची ने ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र अल-बुसैदी से भी टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने समुद्री नौवहन, वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और समुद्री सुरक्षा बनाये रखने पर चर्चा की तथा क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका इस प्रस्तावित पहल को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा पहले विभिन्न देशों के साथ बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मिशन को लेकर हुई चर्चाओं का लाभ उठाना चाहता है। संभावित भागीदार देशों की प्रमुख शर्त यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास सैन्य तनाव कम होने के बाद ही किसी अंतरराष्ट्रीय बल की सुरक्षित तैनाती संभव होगी।

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