तेहरान , मई 06 -- होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात का प्रबंधन एक नयी व्यवस्था के तहत किया जाएगा, जो क्षेत्र में 'नयी शक्ति संतुलन और सुरक्षा परिस्थितियों' को प्रतिबिंबित करेगी। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बुधवार को यह दावा किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के नियंत्रण में ईरान और ओमान की केंद्रीय भूमिका होगी। इरना की रिपोर्ट के अनुसार ईरान और ओमान के अधिकारियों के बीच पहले भी जलमार्ग में समुद्री यातायात प्रबंधन, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तथा समन्वित परिचालन प्रोटोकॉल को लेकर संयुक्त तंत्र पर चर्चा हो चुकी है। यह व्यवस्था पश्चिम एशिया में युद्ध संबंधी परिस्थितियों के स्थिर होने के बाद लागू की जा सकती है।रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रस्तावित प्रणाली का उद्देश्य जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को प्रतिबंधित करना नहीं, बल्कि सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
इरना ने दावा किया कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से पहले तक होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात पूरी तरह निर्बाध और स्वतंत्र था।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा रणनीतिक क्षेत्र मानता है। ऐसे में इस जलमार्ग के दीर्घकालिक संचालन ढांचे अथवा किसी नयी व्यवस्था का निर्धारण क्षेत्रीय संवादके माध्यम से, विशेष रूप से तटीय पड़ोसी देशों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए।
इरना ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व को और स्पष्ट कर दिया है। युद्ध के दौरान इस मार्ग से वाणिज्यिक यातायात प्रभावित होने के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज वृद्धि देखी गयी।
अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों ने ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमले कर पूरे जलडमरूमध्य को 'बंधक' बनाने तथा समुद्री डकैती जैसी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
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