वॉशिंगटन , मार्च 17 -- अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक एस्कॉर्ट अभियान पर विचार कर रहा है, हालांकि इसे महंगा और जोखिमपूर्ण कदम माना जा रहा है।

करीब 21 मील चौड़े इस संकरे समुद्री मार्ग से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल का परिवहन होता है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद से इस मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और दो सप्ताह में टैंकरों तथा मालवाहक जहाजों पर 12 से अधिक हमले दर्ज किये गये हैं।

बीमा कंपनियों द्वारा कवरेज वापस लेने और जहाज कर्मियों की अनिच्छा के कारण कई जहाजों ने आवाजाही रोक दी है, जिससे आपूर्ति संकट पैदा हो गया है। इस अवधि में तेल कीमतों में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और खाड़ी क्षेत्र के कुछ उत्पादकों ने आपूर्ति बाधित होने के कारण उत्पादन घटाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए नौसैनिक सुरक्षा की संभावना जतायी है और चीन, जापान तथा दक्षिण कोरिया जैसे देशों से सहयोग की अपील की है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि योजना पर विचार जारी है, लेकिन इसे तत्काल लागू नहीं किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री क्रिस्टोफर राइट ने संकेत दिया है कि यह कदम जल्द उठाया जा सकता है, लेकिन पहले ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि जैसे ही सैन्य रूप से संभव होगा, एस्कॉर्ट अभियान शुरू किया जाएगा।

अमेरिकी केन्द्रीय कमान के अनुसार पिछले दो सप्ताह में ईरान के करीब 6,000 ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें जहाज रोधी मिसाइल स्थल, ड्रोन निर्माण इकाइयां और बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज शामिल हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार ईरान के पास समुद्री खदानें, जहाज रोधी मिसाइलें, ड्रोन, तेज हमलावर नौकायें और विस्फोटक से लैस रिमोट नियंत्रित नावें जैसी क्षमताएं मौजूद हैं, जो समुद्री यातायात के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं।

अधिकारियों का मानना है कि एस्कॉर्ट अभियान में निगरानी से लेकर हवाई सुरक्षा तक की व्यवस्था शामिल होगी और इसमें अमेरिका के साथ अन्य देशों का भी सहयोग लिया जा सकता है। फिलहाल जलडमरूमध्य तकनीकी रूप से खुला है, लेकिन व्यावसायिक रूप से लगभग ठप स्थिति में है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित