नयी दिल्ली , दिसंबर 06 -- लोकसभा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने शनिवार को उपभोक्ता वस्तुओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की तरह होटलों और उड़ानों जैसी सेवाओं का भी अधिकतम किराया तय करने की मांग की।

दिल्ली की चांदनी चौक सीट से भाजपा सांसद ने इंडिगो संकट के मद्देनजर केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी को लिखे पत्र में कहा कि इंडिगो संकट के कारण घरेलू हवाई किराये सामान्य स्तर से बढ़कर 70,000-80,000 रुपये तक पहुंच गये हैं। वहीं, दिल्ली के एयरोसिटी क्षेत्र के होटल प्रति रात 70,000 रुपये से अधिक वसूल रहे हैं। इससे फंसे हुए यात्रियों को खुले आम संकट-आधारित लूट का शिकार होना पड़ रहा है।

श्री खंडेलवाल ने पत्र में सुझाव दिया है कि बड़े पैमाने पर परिचालन संकट की स्थिति में एयरलाइंस और होटलों द्वारा वसूले जाने वाले किरायों को नियंत्रित करने के लिए एमआरपी की तर्ज पर "अधिकतम स्वीकार्य किराया" की व्यवस्था लागू की जाये।

उन्होंने कहा कि बिस्कुट से लेकर दवाइयों तक पर एमआरपी तय है, फिर हवाई यात्रा और आपातकालीन होटल ठहराव के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं है।

उल्लेखनीय है कि पायलट की कमी और फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित नियमों में बदलाव के बाद शिड्यूलिंग की समस्या के कारण 04 दिसंबर को इंडिगो की 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं। एयरलाइंस ने शुक्रवार 05 दिसंबर को एक हजार से ज्यादा उड़ानें रद्द की थीं। शनिवार को भी अब तक 500 से अधिक उड़ानों के रद्द होने की सूचना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित