हैदराबाद , मार्च 24 -- तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मंगलवार को तेलंगाना विधानसभा को बताया कि हैदराबाद में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से प्रश्नकाल के दौरान जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि एच-सीआईटीआई पहल के तहत फ्लाईओवर, आरओबी, आरयूबी, अंडरपास और सड़कों सहित 26 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिनकी अनुमानित लागत 7,032 करोड़ रुपये है।

उन्होंने बताया कि फेज-III के तहत दो पैकेजों में 49 लिंक रोड्स को भी 1,500 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, हैदराबाद शहर की सीमा के अंदर एचएमडीए द्वारा तीन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी अनुमानित लागत 7,406 करोड़ रुपये है। इनमें से अब तक 120 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

श्री श्रीधर बाबू ने कहा कि बढ़ती ट्रैफिक जाम को देखते हुए एक व्यापक ट्रैफिक अध्ययन कराया गया था, जिसमें मौजूदा ट्रैफिक लोड का आकलन किया गया और महत्वपूर्ण बाधाओं की पहचान की गई।

इन निष्कर्षों के आधार पर जीएचएमसी ने एच-सीआईटीआई कार्यक्रम के अंतर्गत जंक्शन सुधार, ग्रेड सेपरेटर और फ्लाईओवरों का निर्माण तथा पैदल यात्री-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर केंद्रित इंफ्रास्ट्रक्चर विकास योजना तैयार की है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शहर भर में ट्रैफिक आवागमन को सुव्यवस्थित करना और शहरी गतिशीलता को बढ़ाना है।

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