चेन्नई , अगस्त 13 -- चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण ने हैदराबाद के आईसीडी सनथनगर और चेन्नई बंदरगाह के बीच कंटेनर रेल सेवा शुरू करके अपनी रेल-आधारित आयात-निर्यात आवाजाही को मजबूत किया है।

मेसर्स कॉनकॉर और मेसर्स ओओसीसीएल के सहयोग से चलायी गयी पहली ट्रेन में 40-वैगन वाली कंटेनर रेक है। इसमें 14 40-फीट यूनिट और 18 20-फीट यूनिट हैं। ये कुल मिलाकर 46 20-फीट कंटेनरों के बराबर हैं।

चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष सचिन एस. कुर्वे ने कॉनकॉर की क्षेत्रीय प्रमुख (दक्षिण) सुश्री गायत्री के साथ चेन्नई बंदरगाह पर सामान उतारने की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बंदरगाह की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और व्यापार को आसान बनाने में मजबूत भीतरी प्रदेश संपर्क के महत्व पर जोर दिया।

यह सेवा चेन्नई बंदरगाह की उस रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जिसका मकसद भीतरी प्रदेश संपर्क को गहरा करना और आयात-निर्यात कार्गो की निर्बाध आवाजाही को आसान बनाना है। हैदराबाद-चेन्नई रेल संपर्क से सुदूर पूर्व जाने वाले कार्गो के लिए चेन्नई को व्यापार के लिहाज से एक बेहतर प्रवेशद्वार के तौर पर इस्तेमाल करने का मौका मिलता है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पश्चिमी तट के प्रतिस्पर्धी प्रवेशद्वार की तुलना में शुरुआती और आखिरी चरण की माल-ढ़ुलाई लागत लगभग एक जैसी होने के बावजूद चेन्नई मार्ग में कुल समय को सात दिन तक कम करने की क्षमता है।

किफायती अंतरदेशीय माल ढोने की व्यवस्था और तेजी से बाजार तक पहुंच का यह मेल निर्यातकों और आयातकों को मार्ग निर्धारण में अधिक लचीलापन प्रदान करता है। इससे दक्षिण और मध्य भारतीय व्यापार के लिए चेन्नई की स्थिति एक प्रवेशद्वार के तौर पर मजबूत होती है।

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