चेन्नई , जुलाई 31 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने केटामाइन तस्करी के मामले में हैदराबाद और चेन्नई में कई जगहों पर पीएमएलए , 2002 के तहत तलाशी अभियान चलाया और 88.82 लाख रुपये नकद और 18,000 अमेरिकी डॉलर ज़ब्त किए।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने केटामाइन के संगठित और गुप्त निर्माण और तस्करी की जांच के सिलसिले में ये छापे मारे। केटामाइन को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत एक दिमाग पर असर डालने वाला नशीला पदार्थ (साइकोट्रोपिक पदार्थ) माना जाता है। तलाशी अभियान के दौरान, 82.82 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा और 18,000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा के साथ-साथ कई आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फ़ोन, वित्तीय लेखाजोखा , व्यापारिक लेनदेन का हिसाब , सम्पत्ति के दस्तावेज़ और अन्य सबूत बरामद और ज़ब्त किये गये।
एनडीपीएस, 1985 के तहत केटामाइन का बिना इजाज़त कब्ज़ा, व्यापार या इस्तेमाल एक गंभीर आपराधिक अपराध है और यह पीएमएलए, 2002 के तहत 'सूचीबद्ध अपराध' (शेड्यूल्ड ऑफ़ेंस) का भी हिस्सा है।
यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) , बेंगलुरु द्वारा 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985' के प्रावधानों के तहत दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर दर्ज ईसीआईआर से शुरू हुई है। मुख्य अपराध 30 अप्रैल, 2019 को बेंगलुरु में जे. कन्नन से 26.75 किलोग्राम केटामाइन की ज़ब्ती और उसके अगले दिन शिवराज उर्स उर्फ महेश उथप्पा द्वारा संचालित एक गुप्त प्रयोगशाला से 25.45 किलोग्राम केटामाइन की बरामदगी से जुड़ा है।
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