हैदराबाद , मई 02 -- हैदराबाद सिटी पुलिस की साइबर अपराध इकाई ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग प्रमोशन और धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस द्वारा आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अप्रैल माह के दौरान इकाई ने फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 184 ऐसे प्रोफाइल की पहचान की, जो अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और फर्जी निवेश वेबसाइटों का सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे। ये प्रोफाइल 801 'पेड विज्ञापनों' से जुड़े थे, जिन्हें आसान पैसा, बोनस, रेफरल कमीशन और भारी रिटर्न का लालच देकर देशभर के उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया था।
साइबर अपराध पुलिस के मुताबिक, इन ऑपरेटरों ने जनता को गुमराह करने और उन्हें अवैध गतिविधियों में खींचने के लिए रेफरल लिंक साझा करने, आईपीएल सट्टा और यहां तक कि मशहूर हस्तियों के 'डीपफेक' वीडियो जैसे हथकंडे अपनाए। एहतियाती कार्रवाई के तहत, भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सभी 184 प्रोफाइल की रिपोर्ट कर उन्हें संबंधित प्लेटफॉर्म से हटवा दिया गया है।
इन उल्लंघनों के आधार पर पुलिस ने अप्रैल में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देने में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ छह प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस ने बताया कि निरंतर 'साइबर गश्त' पहल के तहत अब तक अवैध सट्टेबाजी और धोखाधड़ी वाले निवेश विज्ञापनों से जुड़े कुल 427 सोशल मीडिया प्रोफाइल और 1,903 विज्ञापनों की पहचान कर उन्हें हटाया जा चुका है।
इन कार्यों के पीछे सक्रिय व्यक्तियों और वित्तीय नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। पुलिस ने पुष्टि की है कि जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध इकाई ने नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि तेलंगाना में ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ पूरी तरह से प्रतिबंधित है। पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि वे अनधिकृत सट्टेबाजी ऐप्स डाउनलोड न करें, रेफरल लिंक साझा करने से बचें और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली "उच्च रिटर्न" वाली फर्जी निवेश योजनाओं या हस्तियों के डीपफेक वीडियो पर भरोसा न करें।
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