दिल्ली , अक्टूबर 09 -- मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स और ब्रिटेन में भारतीय मूल के चिकित्सकों के मंच बैपियो की ट्रेनिंग एकेडमी ने आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर आयुष डॉक्टरों (बीएचएमएस और बीएएमएस) के क्लीनिकल कौशल को उन्नत करने की दिशा में सहयोग करने की घोषणा की।

यह घोषणा शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित भारत - ब्रिटेन हेल्थकेयर कॉन्क्लेव के दूसरे संस्करण का उद्घाटन आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव ने किया। सम्मेलन में सुगठित शिक्षा, विशेषज्ञ निगरानी में क्लीनिकल ट्रेनिंग और आकलन के माध्यम से हेल्थकेयर क्षेत्र में कौशल विकास और मरीजों की देखभाल के मामले में स्वस्थ व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसर इन पहलों में आयुष के स्नातक और स्नातकोत्तर डॉक्टरों के लिए छह-छह महीने के दो सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल हैं।

आयुष राज्य मंत्री श्री जाधव ने कहा, " इंडो-यूके हेल्थ कॉन्क्लेव 2026 भारत और ब्रिटेन के बीच दीर्घकालीन मित्रता, परस्पर सम्मान तथा निरंतर सुदृढ़ होती राजनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच चिकित्सा, शिक्षा तथा वैज्ञानिक प्रगति के क्षेत्र में सहयोग का एक समृद्ध इतिहास रहा है। "उन्होंने कहा कि भारत के पास पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की एक अनूठी और अमूल्य विरासत है। आयुष मंत्रालय का दायित्व संभालते हुए मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब इन पद्धतियों को वैज्ञानिक, अनुसंधान, उपयुक्त चिकित्सकीय प्रमाण, गुणवत्ता मानकों तथा जिम्मेदार समन्वय का समर्थन प्राप्त होता है, तब वे विश्वभर में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र कल्याण को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

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