नागपुर , अक्टूबर 17 -- बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने शनिवार को यहां कालमेश्वर तालुका स्थित धापेवाड़ा में 'धापेवाड़ा टेक्सटाइल इंडस्ट्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' के नये भवन का उद्घाटन किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में उन्होंने पारंपरिक हथकरघा पहल की भी औपचारिक शुरुआत की।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य हलबा आदिवासी समुदाय के पारंपरिक हथकरघा उद्योग को पुनर्जीवित करना और महिलाओं के लिए नये रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिसमें भविष्य में 5,000 महिलाओं को नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि हथकरघा कभी हर हलबा परिवार का अहम हिस्सा हुआ करता था, लेकिन अब यह परंपरा विलुप्त होने की कगार पर है। इस उद्योग को उसका पुराना गौरव लौटाने और पारंपरिक बुनकरों को आजीविका का स्थायी साधन प्रदान करने के लिए यह परियोजना शुरू की गयी है। उन्होंने कहा कि इस पहल की शुरुआत 2021 में हुई थी, जिसके तहत महिलाओं को हथकरघा बुनाई का प्रशिक्षण दिया गया। शुरुआत में बाजार की मांग को लेकर कुछ चिंताएं थीं, लेकिन उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और उसके बाद से मांग भी बढ़ गयी है। उत्पादन को बढ़ाने के लिए गढ़चिरौली और वाशिम जिलों में भी परियोजनाएं शुरू की गयी हैं, जबकि खापा में एक अन्य इकाई स्थापित करने की योजना है।
श्री गडकरी ने कहा कि निर्यात और कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के इस्तेमाल के जरिए धापेवाड़ा टेक्सटाइल को वैश्विक बाजार तक ले जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कपड़ा क्षेत्र में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं और उन्होंने धापेवाड़ा परियोजना को इस उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से बुनकर समुदाय के सदस्यों को साल भर 29,000 से 30,000 रुपये प्रति माह की कमाई हो सकेगी।
महाराष्ट्र के वस्त्र मंत्री संजय सावकारे ने कहा कि इस पहल ने धापेवाड़ा को नयी पहचान दी है और फैशन शो से इसके पारंपरिक उत्पादों के प्रचार-प्सारर तथा विपणन में मदद मिलेगी। उन्होंने पारंपरिक उत्पादों को नागपुर हवाईअड्डे पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया।
श्रीमती हेमा मालिनी ने इस सुविधा केंद्र का दौरा किया और इस पहल की सराहना की। उन्हें जो साड़ी विशेष रूप से पसंद आयी, श्री गडकरी ने उन्हें भेंट की।
उन्होंने इस दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त की, नवरात्र की शुभकामनाएं दीं और श्री गडकरी की नवीन पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह परियोजना महिलाओं को रोजगार दे रही है और पारंपरिक साड़ियों के लिए एक नया मंच तैयार कर रही है।
मुंबई के मॉडलों की प्रस्तुति वाला एक फैशन शो इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, जिसमें धापेवाड़ा टेक्सटाइल की तैयार की गई पारंपरिक करवतकाठी तसर सिल्क, सिल्क-कटन और पट्टी-बॉर्डर कॉटन साड़ियों का प्रदर्शन किया गया।
धापेवाड़ा की महिला बुनकरों ने भी मॉडलों के साथ रैंप वॉक किया, जिसे दर्शकों से खूब प्रशंसा मिलीं। इस शो में कैडेंस एकेडमी ने भी हिस्सा लिया।
इस कंपनी में 700 से अधिक महिला सदस्य और 100 चालू हथकरघा हैं। यह स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षित करने और रोजगार पैदा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए तसर सिल्क, सिल्क-कटन और सूती साड़ियों का निर्माण करती है।
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