दुर्ग , नवंबर 07 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी वाहन चालक पेड़ों की डालियां काटने के दौरान गंभीर रुप से घायल हो गया।
ग्राइंडर मशीन से डाल काटते समय चालक का बायां पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। हादसे में पैर की कई नसें कट गईं और हड्डी भी आधी कट गई। घायल कर्मचारी की पत्नी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शनिवार को बताया कि घटना पांच नवंबर की सुबह करीब 11 बजे विश्वविद्यालय परिसर में हुई। घायल कर्मचारी की पहचान खिलेश टंडन के रूप में हुई है, जो विश्वविद्यालय में दैनिक वेतन पर चालक के पद पर कार्यरत हैं। घटना के समय परिसर में पेड़ों और उनकी डालियों की कटाई का कार्य कराया जा रहा था।
खिलेश टंडन के मुताबिक, सोनटके सर और शैलेंद्र मिश्रा ने सभी कर्मचारियों को पेड़ और उनकी डालियां काटने के लिए मौखिक आदेश दिया था। इसी दौरान एक पेड़ की डाल बिजली के खंभे में फंसी हुई थी, जिसे वाहन की सहायता से नीचे उतारा गया। इसके बाद डालियों को छोटे-छोटे हिस्सों में काटने के लिए ग्राइंडर मशीन, आरी और कुल्हाड़ी का उपयोग किया जा रहा था।
घायल कर्मचारी ने बताया कि उन्हें ग्राइंडर मशीन चलाने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था और इससे पहले उन्होंने कभी इस मशीन से काम नहीं किया था। इसके बावजूद उन्होंने पहली डाल ग्राइंडर से काटी। दूसरी डाल काटते समय मशीन अचानक तेज झटके के साथ पलट गई और उनकी पैंट में उलझते हुए बाएं पैर के पिछले हिस्से में जा घुसी। हादसे में पैर की कई नसें कट गईं और हड्डी भी आधी कट गई।
घटना के तत्काल बाद खिलेश को जुनवानी स्थित शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनके पैर का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद भी उन्हें दर्द की शिकायत बनी हुई है। चिकित्सकों ने पैर के पूरी तरह स्वस्थ होने को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं की है। संक्रमण की आशंका भी जताई गई है। चिकित्सकों के अनुसार, स्वस्थ होने में दो से तीन महीने तक का समय लग सकता है।
हादसे के बाद घायल कर्मचारी के परिवार के सामने आर्थिक संकट की आशंका भी उत्पन्न हो गयी है। खिलेश टंडन ने बताया कि उनके माता-पिता और बड़े भाई का निधन हो चुका है। परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं तथा घर की आजीविका की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। गंभीर चोट के कारण भविष्य में उनके चलने-फिरने और दोबारा वाहन चलाने की क्षमता को लेकर परिवार चिंतित है।
इस बीच घायल कर्मचारी की पत्नी ने मोहन नगर थाने में लिखित शिकायत देकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उनका आरोप है कि उनके पति की नियुक्ति वाहन चलाने के लिए हुई थी, लेकिन उनसे पेड़ों की कटाई जैसा जोखिमपूर्ण कार्य कराया गया। इस काम के लिए न तो उन्हें मशीन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया और न ही आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए।
शिकायत में घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने, मौके पर मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज करने तथा संबंधित सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी संबंधी आदेशों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित