रुद्रपुर , सितंबर 10 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में कहा कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोप-वे के निर्माण की दिशा में कार्य आगे बढ़ चुका है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी और तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। साथ ही राज्य सरकार 1947 के विभाजन पीड़ितों की स्मृति में 'विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल' के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रुद्रपुर के एक निजी होटल में आयोजित इस सम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस दौरान "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" के जयकारों से माहौल गूंज उठा और सिख समाज की ओर से उन्हें सरोपा भेंट किया गया।

भाजपा अध्यक्ष नवीन ने कहा कि सिख समाज ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने सिख गुरुओं की परंपरा को भारत की श्रेष्ठ संस्कृति का आधार बताते हुए कहा कि पंजाबी समाज ने सीमा की रक्षा से लेकर खेतों में अन्न उत्पादन, उद्योग-व्यापार और आपदा सेवा तक हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिख समाज के लिए किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण, लंगर को करमुक्त किए जाने, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की स्वीकृति, गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती के भव्य आयोजन, वीर बाल दिवस की घोषणा, अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित भारत लाए जाने तथा 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाए जाने जैसे निर्णयों को ऐतिहासिक बताया।

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