प्रयागराज , अप्रैल 27 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित ललित नगर रेलवे कॉलोनी में करंट लगने से आरपीएफ के हेड कांस्टेबल श्रवण कुमार की मृत्यु के मामले में रेल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रथम दृष्टया लापरवाही मानते हुए सीनियर सेक्शन इंजीनियर संजीत को सोमवार को निलंबित कर दिया। मामले की जांच के लिए रेलवे के दो विभागों की संयुक्त टीम भी गठित की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई शुरुआती जांच के आधार पर की गई है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है, जिसके बाद ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जाएगी। बताया गया कि 24 अप्रैल को श्रवण कुमार के सरकारी आवास पर बिजली कनेक्शन ठीक करने का कार्य कराया गया था। आरोप है कि काम पूरा किए बिना ही कर्मचारी मौके से चले गए और बिजली के तार खुले छोड़ दिए। इसी लापरवाही के चलते करंट टिनशेड में उतर आया और आसपास के हिस्से में फैल गया।

24 अप्रैल की रात नहाने के बाद श्रवण कुमार गीले कपड़े सुखाने के लिए बाहर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने कपड़े डालने के लिए तार को छुआ, वे करंट की चपेट में आ गए और उनकी हालत गंभीर हो गई। उन्हें बचाने के प्रयास में उनका 15 वर्षीय बेटा भी करंट से झुलस गया।

घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पड़ोसी हरिकेश दुबे ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने श्रवण कुमार को मृत घोषित कर दिया। उनके पुत्र का उपचार जारी है।

प्रयागराज मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रजनीश अग्रवाल ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद कॉलोनी में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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