सना , जुलाई 20 -- ईरान समर्थित यमनी मिलिशिया हूती ने सोमवार को सऊदी अरब की नाकेबंदी करने की घोषणा की।
यह कदम सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सऊदी के नेतृत्व में हाल ही में हुए हमले के जवाब में उठाया गया है। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने समूह के अल-मसीराह टेलीविज़न नेटवर्क पर जारी एक बयान में कहा, "यमनी सशस्त्र बल अपराधी सऊदी दुश्मन के लिए समुद्री आवाजाही पर प्रतिबंध की घोषणा करते हैं।" उन्होंने कहा कि यह नाकेबंदी इस बयान की घोषणा के साथ ही लागू हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इसे कैसे लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि हूती समूह समुद्री डकैती की गतिविधियों के लिए काफी कुख्यात रहा है, क्योंकि वे अक्सर लाल सागर और आसपास के जलमार्गों में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं। यह घोषणा पिछले सप्ताह हूती और सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच हुए हमलों के आदान-प्रदान के बाद की गयी है। यह गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जो अभी अदन में है। सऊदी बलों ने सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर हमला किया, जो एक दशक से अधिक समय से हूती के नियंत्रण में है, जबकि इस्लामी समूह ने दक्षिणी सऊदी अरब में आभा हवाई अड्डा पर हमला किया। इस हमले से 2022 से चल रहे संघर्ष-विराम के टूटने का खतरा पैदा हो गया है।
इस नाकेबंदी से सऊदी अरब पर और दबाव पड़ सकता है। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को असल में बंद कर दिए जाने के बाद से सऊदी अरब कच्चे तेल के निर्यात के लिए रेड सी के बंदरगाहों तक अपनी पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन पर ज़्यादा निर्भर हो गया है। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल को खाड़ी से गुज़रे बिना ही अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के लिए टैंकरों में लोड करने की सुविधा देती है। गाज़ा संघर्ष के दौरान लाल सागर में जहाजों पर महीनों तक हुए हमलों के बाद हूती की ओर से यह धमकी आई है। उस दौरान इस समूह ने लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में लगभग 100 कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया था। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य एक रणनीतिक जलमार्ग है जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष में बार-बार बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है, अगर अमेरिका ईरान के आम नागरिकों से जुड़े ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाना जारी रखता है। सोमवार को एक अलग बयान में, हूती मीडिया दफ्तर के उप प्रमुख नसरुद्दीन आमेर ने कहा कि सऊदी अरब के "दुश्मन जहाजों" के लिए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने ऐसा सऊदी अरब द्वारा "यमन के लोगों पर 10 साल से ज़्यादा समय से लगाई गई अनुचित नाकेबंदी" के जवाब में करने की बात कही। आम तौर पर दुनिया का लगभग 10 प्रतिशत तेल शिपमेंट बाब अल-मंदेब से होकर गुज़रता है, जिससे यह होर्मुज़ जलडमरूमध्य के साथ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री 'चोकपॉइंट' (संकरे और अहम समुद्री रास्ते) में से एक बन जाता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य कुल तेल प्रवाह के 20 प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करता है और पहले से ही तेहरान द्वारा अवरुद्ध है। ऐसे में इन दोनों रास्तों के बंद होने से कुल तेल और गैस प्रवाह का 30 प्रतिशत हिस्सा कटने का खतरा पैदा हो सकता है।
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