सना , सितंबर 11 -- यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में स्थित बेहद रणनीतिक पेरिम द्वीप पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है। यमनी सरकारी सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस कदम से दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार रास्तों में से एक पर हूती लड़ाकों की पकड़ और अधिक मजबूत हो गई है।
अरबी भाषा में 'मईयुन' के नाम से जाना जाने वाला यह द्वीप बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के ठीक बीचोंबीच है और पूरे जलमार्ग को दो मुख्य नौवहन चैनलों में बांटता है। रिपोर्टों के अनुसार, हूती लड़ाकों के नावों के जरिए द्वीप पर पहुंचने से पहले ही यमन के सरकारी बलों ने वहां से वापसी कर ली थी।
हूती बलों ने पेरिम द्वीप के साथ-साथ जलडमरूमध्य पर नजर रखने वाले अल-उमरी सैन्य शिविर पर भी कब्जा जमा लिया है। इससे पहले हूती लड़ाकों ने तटीय शहर अल-मोखा पर कब्जा करते करके बढ़त बनाई थी। इन जंगी कामयाबियों ने हूतियों को लाल सागर के दक्षिणी प्रवेश द्वार और एशिया तथा यूरोप को स्वेज नहर से जोड़ने वाले बेहद अहम समुद्री गलियारे पर कब्जा मुहैया करा दिया है।
गौरतलब है कि बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक तेल व ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद खास है। जलमार्ग में किसी भी प्रकार का रोकटोक कारोबारी जहाजों और ईंधन टैंकरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
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