कोलकाता , अप्रैल 11 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर "एआई से बनाए गए फर्जी वीडियो" फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे इस तरह की भ्रामक जानकारी से दूर रहें और बड़ी संख्या में मतदान करें।
यह बयान उस विवाद के एक दिन बाद आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा था कि भारतीय जनता पार्टी का हुमायूं कबीर जैसे नेताओं के साथ किसी तरह का गठजोड़ नहीं होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तृणमूल को अपनी हार नजर आ रही है। इसलिए वे एआई के जरिए फर्जी वीडियो बनाकर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने असम और पुडुचेरी में भी ऐसा किया है। मैं आपको सावधान करता हूं कि इनसे गुमराह न हों।"विवाद मुर्शिदाबाद के नेता हुमायूं कबीर से जुड़ा है, जिनका एक कथित "सीक्रेट वीडियो" तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी किया गया। इस वीडियो में श्री कबीर कथित तौर पर भाजपा से संबंध होने का दावा करते हुए और मुस्लिम मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बड़ी रकम मांगते हुए सुने जा रहे हैं।
वीडियो में उनसे कथित रूप से 300 करोड़ रुपये अग्रिम मांगने और बाबरी मस्जिद मुद्दे का जिक्र कर भावनाएं भड़काने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस विवाद के बाद श्री असदुद्दीन ओवैसी ने घोषणा की कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन अब श्री कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी और चुनाव अकेले लड़ेगी।
वहीं, श्री कबीर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामला दायर किया है। उन्होंने वीडियो को "एआई जनित साजिश" बताया और तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया, हालांकि उनके स्पष्टीकरण के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा।
इससे पहले कोलकाता में भाजपा के संकल्प पत्र जारी करते समय श्री अमित शाह ने कहा था कि पार्टी श्री कबीर के साथ किसी भी तरह का संबंध नहीं रखेगी। उन्होंने कहा, "हम 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे, लेकिन हुमायूं कबीर से हाथ नहीं मिलाएंगे।"प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में राज्य सरकार पर भी हमला बोलते हुए कहा कि राम नवमी के जुलूसों पर हमले हुए, पत्थरबाजी हुई, लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित