भिण्ड , जुलाई 30 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड नगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी द्वारा हिस्ट्रीशीटर बताए जा रहे अजीत भदौरिया को एल्डरमैन मनोनीत किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतों के बाद जिला कलेक्टर ने मामले की जांच कर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को मनोनयन निरस्त करने की सिफारिश भेजी है।

सूत्रों के अनुसार हाल ही में भाजपा ने भिण्ड जिले में 53 एल्डरमैन मनोनीत किए हैं, जिनमें अजीत भदौरिया का नाम सबसे अधिक विवादों में है। बताया गया है कि उनके खिलाफ 15 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और उनका नाम पुलिस की हिस्ट्रीशीटर सूची में भी शामिल है। वह कथित रूप से नगर पालिका के फर्जी एफडीआर प्रकरण में जेल भी जा चुके हैं।

नगर पालिका चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी एवं वर्तमान पार्षद दशरथ सिंह भदौरिया ने इस मनोनयन का विरोध करते हुए पार्टी नेतृत्व और प्रशासन से शिकायत की है। उनका आरोप है कि अजीत भदौरिया ने अपना आपराधिक रिकॉर्ड छिपाकर पार्टी को गुमराह किया तथा उनके विरुद्ध फर्जी एफडीआर, हाट-बाजार और पटरी वसूली की राशि जमा नहीं करने सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। शिकायत के बाद कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने मामले की जांच कराई और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त को पत्र भेजकर मनोनयन पर पुनर्विचार करते हुए इसे निरस्त करने की सिफारिश की है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार अजीत भदौरिया का नाम पुलिस की निगरानी सूची (हिस्ट्रीशीटर सूची) में 16वें क्रम पर दर्ज है। पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह ने भी इस नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति पर नगर पालिका से जुड़े गंभीर आरोप लंबित हों, उसे उसी निकाय का एल्डरमैन बनाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे लंबित मामलों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। वहीं, अजीत भदौरिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके विरुद्ध दर्ज मामलों का एल्डरमैन मनोनयन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें योग्य समझते हुए यह दायित्व सौंपा है।

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