शिमला , अप्रैल 02 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य के 6,409 प्राथमिक विद्यालयों में प्री-प्राइमरी (नर्सरी) कक्षाएं शुरू की हैं लेकिन शिक्षकों के लिए पात्रता के सख्त नियमों के चलते उम्मीदवारों की संख्या सीमित हो रही है, जिसके कारण इस मामले को केंद्र सरकार के सामने उठाने का फैसला किया गया है।

डॉ. जनक राज द्वारा प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि नर्सरी प्रशिक्षित शिक्षक (एनटीटी) कर्मचारी की भर्ती हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एचपीएसईडीसी) के माध्यम से चल रही है। एनटीटी शिक्षकों के कुल 6,297 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जबकि सरकार इन स्कूलों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को चालू करने के लिए 6,409 एनटीटी शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों (जिनमें आयाएं भी शामिल हैं) की भर्ती करने की योजना बना रही है।

अधिकारियों ने हालांकि बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति को नियंत्रित करने वाले दिशा-निर्देशों-जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा तैयार किया गया है-के कारण पात्र आवेदकों की संख्या कम हो गई है। राज्य सरकार अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सामने इस मुद्दे को उठाने पर विचार कर रही है, ताकि प्रशिक्षण के लिए नियमों में ढील या संस्थागत सहायता मांगी जा सके।

एसीटीई के मानदंडों के अनुसार एनटीटी पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों ने उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 12) कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास किया हो और उनके पास नर्सरी शिक्षक शिक्षा, प्री-स्कूल शिक्षा, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (डीईसीईडी) में दो साल का डिप्लोमा हो, या उन्होंने एनसीटीई-मान्यता प्राप्त संस्थान से बीईडी. (नर्सरी) किया हो। ये मानदंड अनिवार्य हैं और राज्य सरकार द्वारा इनमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।

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