शिमला , अगस्त 08 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ने मछुआरों के लिए नौका की खरीद पर 70 प्रतिशत और मछली पकड़ने वाले जालों पर 90 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी वाले एक बड़े सहायता पैकेज का ऐलान किया है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 'मत्स्य नौका सब्सिडी योजना' के तहत पात्र मछुआरों को मछली पकड़ने वाली नौकाएं खरीदने के लिए 70 प्रतिशत वित्तीय सहायता मिलेगी। एक नौका की कीमत 50,000 रुपये तय की गयी है, जिसमें से सरकार 35,000 रुपये देगी, जबकि लाभार्थी बाकी 15,000 रुपये का योगदान करेगा। इस योजना का मकसद गोविंद सागर, पोंग बांध, चमेरा, रंजीत सागर और कोल बांध जैसे प्रमुख जलाशयों में मछली पकड़ने वाले बेड़े को आधुनिक बनाना है। इस पहल से सुरक्षा और कामकाज की क्षमता में सुधार होने के साथ-साथ मछुआरों के लिए बेहतर कमाई के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आवेदक को नौका सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए किसी रजिस्टर्ड 'प्राथमिक मत्स्यजीवी सहकारी समिति' का सक्रिय सदस्य होना और एक वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम 50 दिन मछली पकड़ने का काम करना जरूरी है। राज्य सरकार ने एक और अहम पहल में सब्सिडी वाली 'मछली पकड़ने के उपकरण' की शुरुआत की है, जिसके तहत फेंकने वाले जाल और गिल नेट (फंसाने वाले जाल) पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जायेगी।
इस योजना के तहत नदी में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को 3,000 रुपये कीमत वाले जाल सिर्फ 300 रुपये में मिलेंगे, जबकि सरकार 2,700 रुपये की सब्सिडी देगी। इसी तरह जलाशय में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को 5,000 रुपये कीमत वाले गिल नेट 500 रुपये के लाभार्थी योगदान पर मिलेंगे और बाकी 4,500 रुपये सरकार देगी।
इस पहल का मकसद मछुआरों के लिए मछली पकड़ने के अच्छे उपकरणों को किफायती बनाना, मछली पकड़ने के टिकाऊ तरीकों को बढ़ावा देना और नदियों एवं जलाशयों में मछली उत्पादन बढ़ाना है। 'प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण' प्रणाली के जरिए नदी में मछली पकड़ने वाले 4,000 मछुआरों को जाल मिलेंगे, जबकि जलाशय में मछली पकड़ने वाले 3,000 मछुआरों को गिल नेट दिए जायेंगे। पात्र लाभार्थियों के पास मत्स्य विभाग द्वारा जारी किया गया कम से कम तीन लगातार वर्षों का वैध मछली पकड़ने का लाइसेंस होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मछली पकड़ने के क्षेत्र को आजीविका और रोजगार के टिकाऊ स्रोत में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। ये योजनाएं मछुआरों को सीधे आर्थिक मदद देंगी और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगी।
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