शिमला , अक्टूबर 03 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि राज्य में अगले छह महीनों में 4,000 और शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
श्री सुक्खू ने शिमला के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शनिवार को कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पहले ही 10,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों, खासकर ग्रामीण इलाकों के छात्रों के घरों के नजदीक अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरे हिमाचल प्रदेश में 150 से अधिक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) स्कूल खोले गए हैं। इन संस्थानों में लगभग 2,000 शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है, जबकि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 स्कूलों को 'स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल की स्थिति में सुधार हुआ है। पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के समय 2021 में राज्य 21वें स्थान पर था, जबकि मौजूदा सरकार के तहत यह पांचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय बाधाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के विकास में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
श्री सुक्खू ने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों और चमियाना स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (एसआईएमएसएस) को आधुनिक तकनीक और मशीनरी से लैस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 19 साल से अधिक पुराने उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है, जबकि चिकित्साकर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए 500 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाया गया है और जब तक कांग्रेस सरकार सत्ता में रहेगी, यह योजना जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए भी जल्द ही एक नीति लागू की जाएगी।
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