कांगड़ा , सितंबर 11 -- हिमाचल प्रदेश में शाहपुर विधायक एवं सदन में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने अधिकारियों को 'स्मॉल हाइव बीटल' नामक कीट के कारण शहद उत्पादकों को हुए नुकसान की विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावितों को राहत प्रदान करने का मामला मुख्यमंत्री और उद्यान मंत्री के समक्ष उठाया जा सके।
यहां मिनी सचिवालय में शुक्रवार को उद्यान विभाग द्वारा आयोजित एक जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने शाहपुर के एसडीएम को संबंधित पंचायतों के पटवारियों के जरिए नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए।
मधुमक्खी पालकों ने श्री पठानिया का आभार व्यक्त करते हुए अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी शहद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और 'मुख्यमंत्री शहद विकास योजना' के तहत पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने की मांग सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।
श्री पठानिया ने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक मुख्य जरिया है और कांगड़ा के शहद ने पूरे देश में पहचान बनाई है। श्री पठानिया ने शाहपुर के 29 पंजीकृत मधुमक्खी पालकों की एक सोसाइटी बनाने का सुझाव दिया और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
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