शिमला , अगस्त 26 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है और पिछले तीन वर्षों के दौरान नशीले पदार्थों के तस्करों से 63.09 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गयी है।

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए श्री सुख्खू ने बताया कि इस अवधि में नशीले पदार्थ और एनडीपीएस कानून के तहत 5,848 मामले दर्ज किए गये। इन मामलों में 9,363 आरोपियों को नामजद किया गया है।

उन्होंने बताया कि 5,194 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। वहीं, 23 मामलों में मामले रद्द करने की रिपोर्ट और 58 मामलों में आरोपियों का पता नहीं चलने की रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके अलावा 573 मामलों में जांच अभी जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालतों में पहुंचे 5,194 मामलों में से 88 मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराया गया, जबकि 68 मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया गया। बाकी 5,038 मामले अभी अदालतों में विचाराधीन हैं।

श्री सुक्खू ने कहा कि सरकार नशे से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। अब तक ऐसे 139 कर्मचारियों की पहचान की गई है, जिनमें 21 पुलिसकर्मी शामिल हैं। अन्य विभागों के 15 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि बाकी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किए गये लोगों को सीधे जेल भेजा जाए। ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति की सिफारिश को स्वीकार नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई की केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने भी सराहना की है।

श्री सुक्खू ने बताया कि नशा तस्करी रोकने के लिए पुलिस अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है और नाके लगा रही है। बार-बार अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी रोकथाम अधिनियम, 1988 के तहत निवारक हिरासत के आदेश भी जारी किए गये हैं।

श्री सुक्खू ने कहा कि पीआईटी-एनडीपीएस कानून के तहत ड्रग तस्करी में बार-बार शामिल लोगों के खिलाफ अब तक 205 निवारक नज़रबंदी का आदेश जारी किए गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अपने अभियान के तहत जागरूकता और कम्युनिटी की भागीदारी पर भी ध्यान दे रही है।

सात सितंबर को ऊना में एक वॉकथॉन आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद मंडी और राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसे ही कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ ) की ताकत बढ़ाई जाएगी। उन्होंने युवाओं में ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए माता-पिता की अधिक भागीदारी की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ड्रग तस्करी से जुड़ी जानकारी की रिपोर्टिंग को आसान बनाने और राज्य भर में लागू करने की कोशिशों को मजबूत करने में मदद के लिए 'ड्रग मुक्त हिमाचल' मोबाइल एप्लीकेशन भी लॉन्च किया है।

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