शिमला , मार्च 17 -- ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूरे हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी हुई है। केलांग में 20 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गयी, जबकि राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में काफी गिरावट आयी है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के सुबह 08:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा जिलों की ऊंची चोटियों पर भारी बर्फबारी हुई है। केलांग के अलावा, जोत में 12 सेमी, कुकुमसेरी में 11.2 सेमी, कल्पा में 8.8 सेमी, हंसा में 7.5 सेमी, मनाली में 5 सेमी और सांगला में 4.5 सेमी बर्फबारी दर्ज की गयी है।
ताजा बर्फबारी ने ऊंचाई वाले इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शीत लहर का प्रकोप तेज हो गया है। ऊपरी इलाकों में सड़कें फिसलन भरी हो गयी हैं, हालांकि मुख्य मार्ग खुले रहे। कुल्लू जिले में धुंधी नाला के पास एक पर्यटक वाहन सड़क से फिसल गया।
सोलंग के पास 'ब्लैक आइस' के कारण एक कार फिसल गयी। ड्राइवर ने ब्रेक मारकर और स्टीयरिंग को दीवार की तरफ मोड़कर उसे रोका।
मध्य और निचले पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर बारिश दर्ज की गयी। सियोबाग में सर्वाधिक 32.8 मिमी बारिश हुई, इसके बाद सराहन में 32.5 मिमी, भुंतर में 30.4 मिमी और जोगिंद्रनगर में 30 मिमी बारिश दर्ज की गयी। अन्य प्रमुख केंद्रों में धर्मशाला (28.2 मिमी), पालमपुर (22.2 मिमी), गोहर (22 मिमी) और मनाली (21 मिमी) में भी उल्लेखनीय बारिश हुई।
इसके अलावा नेरी (19.5 मिमी), भाबानगर (18.6 मिमी), नादौन (18 मिमी), भरेड़ी (17.4 मिमी) और कांगड़ा (17 मिमी) में भी बारिश दर्ज की गयी, जो पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर वर्षा की गतिविधि को दर्शाती है।
इस मौसम प्रणाली के कारण पूरे हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गयी है। शिमला में 6 डिग्री, सुंदरनगर में 5.4 डिग्री और भुंतर में 2.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि कल्पा में पारा शून्य से नीचे माइनस 3 डिग्री रहा। वहीं धर्मशाला में 8.6 डिग्री, ऊना में 9 डिग्री और मनाली में 0.2 डिग्री तापमान रहा। राज्य का सबसे ठंडा स्थान कुकुमसेरी रहा, जहां तापमान माइनस 4.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो जनजातीय क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड की स्थिति को दर्शाता है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ खराब मौसम जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
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