शिमला , जनवरी 14 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को कहा कि सरकार बच्चों, किशोरियों और गर्भवती तथा दूध पिलाने वाली माताओं सहित सभी कमजोर वर्गों के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक राज्य पोषण नीति तैयार करेगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुरक्षा और विनियमन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खाद्य परीक्षण में सटीकता और दक्षता बढ़ाने के लिए कंडाघाट के संयुक्त परीक्षण प्रयोगशाला को उन्नत और आधुनिक तकनीक से युक्त किया जाएगा। खाद्य नमूनों के समय पर विश्लेषण और गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने के लिए पहले चरण में बद्दी, मंडी, कांगड़ा और शिमला में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। दूसरे चरण में राज्य के सभी जिलों में ऐसी प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों के व्यवस्थित परीक्षण और मानचित्रण के माध्यम से पोषण संबंधी निगरानी को सुदृढ़ किया जाएगा।
विभाग को सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आंगनवाड़ी सेवाओं और मध्याह्न भोजन योजना के तहत आपूर्ति किए जाने वाले भोजन का नियमित परीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, राज्य भर में खाद्य परीक्षण, जागरूकता और प्रशिक्षण के लिए मोबाइल वैन भी तैनात की जाएंगी।
दक्षता में सुधार और सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री ने आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ विभागीय प्रक्रियाओं के पूर्ण डिजिटलीकरण का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि खाद्य नमूनों के संग्रह और परीक्षण परिणामों के प्रसार जैसी गतिविधियों के लिए एक समर्पित राज्य पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसके अलावा निगरानी और निर्णय लेने में सहायता के लिए एक राज्य पोषण डेटाबेस भी बनाया जाएगा।
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