शिमला , अक्टूबर 21 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को घोषणा की कि अगले चार महीनों के भीतर हमीरपुर, चंबा और पालमपुर के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
उन्होंने यह घोषणा पहाड़ी राज्य में हवाई संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से संजौली और रामपुर के बीच एक हेलीकॉप्टर सेवा का उद्घाटन करते हुए की।
'हेली-हॉप हिमाचल हेलीकॉप्टर सेवा' के तहत 'रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (उडान)' के अंतर्गत शुरू की गई यह सेवा सप्ताह में तीन दिन - सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी।
तय कार्यक्रम के अनुसार, हेलीकॉप्टर सुबह 9.55 बजे संजौली से उड़ान भरेगा और सुबह 10.30 बजे रामपुर पहुंचेगा। इसके बाद, यह सुबह 10.50 बजे रामपुर से रेकोंग पियो के लिए रवाना होगा और सुबह 11.25 बजे वहां पहुंचेगा। रेकोंग पियो से वापसी की उड़ान सुबह 11.30 बजे रवाना होगी और दोपहर 12.05 बजे रामपुर पहुंचेगी। इसके बाद, हेलीकॉप्टर दोपहर 12.10 बजे रामपुर से संजौली के लिए उड़ान भरेगा और दोपहर 12.45 बजे वहां पहुंचेगा।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री सुक्खू ने कहा कि यह पहल केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करने का साधन नहीं है, बल्कि यह बदलते समय, नई सोच और पहाड़ी राज्य के लिए विकास के व्यापक अवसरों को भी दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से यात्रा का समय कम होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यवसायों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार हवाई संपर्क को मजबूत करने और विमानन सेवाओं का विस्तार करने के लिए शिमला में उपयुक्त जमीन की पहचान करने पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश के हर कोने को हेलीकॉप्टर सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। सरकार लोगों को खासकर दूर-दराज के इलाकों में रहने वालों को, सुविधाजनक, सुलभ और भरोसेमंद परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' (वीजीएफ) का पूरा खर्च उठा रही है, और इस पहल पर हर महीने लगभग 35.70 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
श्री सुक्खू ने आगे कहा कि हवाई परिवहन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए राज्य भर में 16 हेलीपोर्ट बनाने और विकसित करने का काम चल रहा है, जिनमें सभी जिला मुख्यालय भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा के गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए सरकार के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से लोगों को 2,400 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
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