अमृतसर , सितंबर 08 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के एक निजी बोर्डिंग स्कूल में सिख बच्चे के साथ कथित रैगिंग की घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्कूल प्रबंधन से विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
एडवोकेट धामी ने मंगलवार को कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में विद्यार्थी के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना स्कूल प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित सामने आए वीडियो ने संवेदनशील लोगों को चिंतित किया है। विद्यार्थी की गरिमा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि परिवार की शिकायत के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा कार्रवाई शुरू करना स्वागतयोग्य है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल रैगिंग करने वाले विद्यार्थियों की जिम्मेदारी तय करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि स्कूल प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाये। उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य के खिलाफभी मामला दर्ज किए जाने की मांग की।
एडवोकेट धामी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को रैगिंग के जरिए परेशान करना गलत है और किसी विशेष समुदाय के बच्चे को निशाना बनाया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार और स्कूल प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा बोर्डिंग स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और रैगिंग रोकने के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की मांग की। उन्होंने अभिभावकों से भी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
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