शिमला , मार्च 18 -- हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जायेगा। पार्टी का आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर और सदन के पटल पर बार-बार गुमराह करने वाले बयान दिए हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दोबारा शुरू होने से पहले मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा है कि पार्टी के विधायक दल ने विधानसभा की कार्य-प्रणाली और कार्य-संचालन नियमों के नियम 75 के तहत मुख्यमंत्री के खिलाफ यह प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव समीक्षा और अगली कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया गया है। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बावजूद सदन में गलत बयान देने की परंपरा जारी है।

श्री ठाकुर ने कहा कि शुरुआती वर्ष में मुख्यमंत्री को नया होने के कारण रियायत दी गई थी, लेकिन तीन साल बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन विशिष्ट बयानों का विवरण साझा नहीं किया जिनके आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि गुमराह करने वाले कथित बयानों की एक सूची तैयार कर अध्यक्ष को सौंपी गई है।

राज्य के इस बजट सत्र में पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। इससे पहले भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने भी बेरोजगारी के आंकड़ों पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए सदन को गुमराह करने का मुद्दा उठाया था। विपक्ष का यह ताजा रुख हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव और राज्य में भाजपा राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन से जुड़े मामले की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।

सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजस्व घाटा अनुदान और राज्य की वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दों पर तनाव बना हुआ है।

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