सोलन , सितंबर 14 -- हिमाचल प्रदेश के परवानू के बाहरी जंगलों से एक बारहसिंगा का शव बरामद होने के बाद शिवालिक की पहाड़ियों में वन्यजीव निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना ने इलाके में अवैध शिकार की आशंका को बढ़ा दिया है।
पशुओं के लिए चारा इकट्ठा करने गये स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले शव को देखा। इसके बाद उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सूचित किया, जिसकी सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने अवशेषों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वन अधिकारियों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और संभावित फंदों एवं शिकार के अन्य संकेतों सहित फोरेंसिक साक्ष्यों की तलाश कर रहे हैं।जांच अधिकारी इस पहलू की भी पड़ताल कर रहे हैं कि हिरण को गोली मारी गयी है या उसकी मौत प्राकृतिक कारणों अथवा किसी हिंसक जानवर के हमले से हुई है।
मौत के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रख लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही वास्तविक कारणों का पता लगेगा। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मैदानी कर्मचारी नियमित रूप से पैदल गश्त नहीं करते। इससे यह जंगल का गलियारा अवैध शिकार और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति संवेदनशील बन गया है।
निवासियों ने परवाणु वन गलियारे में अवैध कटाई और बाहरी लोगों की बेरोक-टोक आवाजाही का मुद्दा भी उठाया। उनका दावा है कि कमजोर और लचर निगरानी के कारण ही वन्यजीव अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है।
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