शिमला , फरवरी 28 -- हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर क्षेत्र के लिए 12.42 करोड़ रुपये की लिफ्ट पेयजल योजना का उद्घाटन किया।

श्री अग्निहोत्री ने कहा, "इस योजना के जरिए मंदिर परिसर सहित पांच पंचायतों के 19 गांवों को नियमित और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इससे 10,000 से अधिक निवासियों, 4,000 से अधिक छात्रों और प्रतिवर्ष मंदिर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को लाभ होगा। कालरुही खड्ड से लगभग 17 किलोमीटर के पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से पानी उठाया गया है।" उन्होंने बताया कि परियोजना में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन भंडारण टैंक और आधुनिक पंपिंग मशीनरी की स्थापना शामिल है।

उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय से एक स्थायी पेयजल समाधान की प्रतीक्षा कर रहा था और उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को बधाई दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी और भविष्य की मांग को पूरा करेगी।

श्री अग्निहोत्री ने चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में पेयजल योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है और परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने स्मरण किया कि ऊना जिले ने कभी पानी की भारी कमी का सामना किया था, लेकिन वर्षों के व्यापक प्रयासों ने स्थिति में काफी सुधार किया है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया, "जिले में 600 से अधिक नलकूप स्थापित किए गए हैं, और भाबौर साहिब तथा पोंग बांध से आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। अकेले श्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 150 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं।"श्री अग्निहोत्री ने अधिकारियों को 4 करोड़ रुपये की 'माता का बाग' पेयजल योजना को प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने का निर्देश दिया और इसे पूरा करने के लिए छह महीने की समय सीमा निर्धारित की। यह योजना कालरुही को माता का बाग से जोड़ेगी और भरवाईं को मंदिर क्षेत्र से जोड़ेगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुबारकपुर सहित प्रमुख स्थानों पर पेयजल केंद्र भी बनाए जाएंगे।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि चिंतपूर्णी मंदिर परिसर के विकास, विस्तार और सौंदर्यीकरण के लिए पहले चरण में लगभग 130 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को बिना किसी देरी के कार्य शुरू करने और दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस 130 करोड़ रुपये में से 56 करोड़ रुपये केंद्र की 'प्रसाद' योजना के तहत स्वीकृत निधि से संबंधित हैं, जबकि अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने प्रदान किए हैं।

श्री अग्निहोत्री ने मंदिर के लिए स्वीकृत 100 करोड़ रुपये की रोपवे परियोजना में तेजी लाने का भी आह्वान किया और कहा कि इससे तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा सेवाओं की शुरुआत से मंदिर क्षेत्र में राजस्व में लगभग 12.50 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। भरवाईं चौक के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण तथा मंदिर क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं बनाने के निर्देश भी जारी किए गए। व्यापक पर्यटन पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में धार्मिक पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बिलासपुर को नैना देवी मंदिर से जोड़ने वाले जल परिवहन विकल्पों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

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