शिमला , जुलाई 19 -- हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बादल फटने के कारण आयी बाढ़ के कारण मसरंग के पास सांगला-चितकुल मार्ग बंद हो गया है।

प्रशासन ने परामर्श जारी कर स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों में यात्रा न करने की सलाह दी है।

भारी मानसूनी बारिश के बाद सांगला घाटी के रकछम इलाके में मसरंग के पास गरगे नाले में शनिवार शाम करीब पांच बजे अचानक यह बाढ़ आयी। बाढ़ के कारण बड़ी मात्रा में कीचड़, मलबा और बड़े पत्थर सांगला-चितकुल सड़क पर आ गए, जिससे दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गयी।

बाढ़ का पानी मसरंग में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) कैंप के पास तक पहुंच गया, जिससे वहां के आवासीय परिसर पर खतरा पैदा हो गया था। हालांकि, कैंप को किसी नुकसान या सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

किन्नौर जिला प्रशासन के अनुसार, किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि जिले भर में बारिश जारी रहने के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि गरगे नाले के ऊपरी इलाकों में बादल फटने के कारण यह बाढ़ आयी है। मौसम केंद्र ने अगले कुछ दिनों में क्षेत्र में और अधिक बारिश का अनुमान जताया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को स्थिति सामान्य होने तक सांगला-चितकुल सड़क पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदियों, नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने को कहा गया है।

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