धर्मशाला , अगस्त 02 -- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की सबसे पुरानी ऐतिहासिक सुरंग के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों और विरासत संरक्षण से जुड़े लोगों का मानना है कि सुरंग का जीर्णोद्धार कर इसे जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक महत्व होने के बावजूद सुरंग के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उनका मानना है कि आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, कलात्मक चित्रकारी तथा कांगड़ा की समृद्ध संस्कृति और इतिहास को प्रदर्शित करने वाली कलाकृतियां स्थापित कर इसे पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।
सुझाव दिया गया है कि सुरंग के एक छोर पर "कांगड़ा में आपका स्वागत है" तथा दूसरे छोर पर "आपकी यात्रा के लिए धन्यवाद" लिखे आकर्षक स्वागत बोर्ड लगाये जायें, ताकि पर्यटकों पर सकारात्मक और स्थायी प्रभाव पड़े।
विरासत संरक्षण से जुड़े लोगों ने कहा कि कांगड़ा की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि संबंधित अधिकारी शीघ्र ही इस सुरंग को संरक्षित कर इसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
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