बेरूत , जून 02 -- हिज्बुल्ला ने मंगलवार को कहा कि उसने सोमवार को दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल में इजरायली सेना के खिलाफ 41 सैन्य अभियान चलाये। ये अभियान, लेबनान में इज़रायल के युद्धविराम के कथित उल्लंघन और नागरिकों पर किये गये हमलों के जवाब में किये गये थे। हिज्बुल्ला का यह हमला इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिज़्बुल्ला के ठिकानों पर हमले का आदेश देने के कुछ ही समय बाद हुआ है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन, अमेरिका और ईरान के बीच हुए व्यापक शांति समझौते का उल्लंघन है। हिज्बुल्ला के सैन्य विंग ने एक बयान में कहा कि उसने एक जून को 41 'लड़ाकू अभियान' चलाये, जिसमें दक्षिणी लेबनान के दबीन, यहमार अल-शकीफ, कंतारा, अदाइसेह, कौसाहा और ऐतिहासिक शकीफ किले के पास के क्षेत्रों में इजरायली सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटरों, बख्तरबंद वाहनों और सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाया गया। हिज्बुल्ला के अनुसार, अभियानों में मिसाइलों, तोपखाने और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और मरकावा टैंकों, बख्तरबंद इकाइयों और इजरायली संचार प्रणालियों को लक्षित किया गया।

समूह ने उत्तरी इजरायल में किर्यत शमोना, टाइबेरियास, मालोत-तरशीहा, श्लोमी, यिफ्ता और अन्य स्थानों पर भी हमले करने का दावा किया। अमेरिका में लेबनानी दूतावास ने कहा कि हिज्बुल्ला ने शत्रुता को आपसी रूप से रोकने के लिए अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट किये गये ढांचे के तहत, इजरायल बेरुत के दक्षिणी उपनगरों पर हमले बंद कर देगा, जबकि हिज्बुल्ला इजरायल पर हमले बंद कर देगा, और यह युद्धविराम पूरे लेबनान में लागू होना है।

अमेरिका की मध्यस्थता में लेबनानी-इजरायली वार्ता का एक नया दौर 2-3 जून को वाशिंगटन में राजदूत स्तर पर निर्धारित है। इस बीच, इजरायली मीडिया ने बताया कि रात के अभियानों के दौरान हिज्बुल्ला द्वारा फर्स्ट-पर्सन-व्यू (एफपीवी) ड्रोन के बढ़ते उपयोग को लेकर इजरायली सेना के भीतर चिंता बढ़ रही है। यनेट न्यूज के अनुसार, पहली ऐसी घटना शनिवार रात को हुई जब गिवती ब्रिगेड के स्टाफ सार्जेंट माइकल ट्यूकिन मारे गये। रविवार और सोमवार के बीच एक दूसरे हमले में मैगलन कमांडो स्टाफ सार्जेंट एडम त्सारफती की मौत हो गयी। दक्षिणी लेबनान में ब्यूफोर्ट कैसल के पास रात के समय हुए ड्रोन हमले में घायल हुए सैनिकों से मिलने के बाद एक इजरायली सैनिक ने यनेट को कहा, " यह काफी असामान्य है कि ड्रोन ने रात में किसी बल पर हमला किया। ऐसा पहले लड़ाकू दलों के साथ नहीं हुआ है। "यनेट ने बताया कि इजरायली सैन्य अधिकारियों को संदेह है कि हिज्बुल्ला फाइबर-ऑप्टिक एफपीवी ड्रोन को थर्मल इमेजिंग सिस्टम से लैस कर रहा है, जिससे अंधेरे के बाद प्रभावी ढंग से काम करने की उनकी क्षमता बढ़ रही है।

एक सैन्य अधिकारी ने प्रकाशन से कहा, " वे हर बार अपने फायर की सटीकता में सुधार कर रहे हैं। यही कारण है कि हम जितना संभव हो सके चलते रहने की कोशिश करते हैं।" एक अलग घटनाक्रम में, श्री नेतन्याहू ने कहा कि ईरान पहले ही 'बहुत भारी' कीमत चुका चुका है और इस्लामिक रिपब्लिक का 'पतन निश्चित है।'निवर्तमान मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया के प्रस्थान के अवसर पर एक्स पर पोस्ट किये गये एक संदेश में, नेतन्याहू ने कहा, " ईरान पहले ही बहुत भारी कीमत चुका चुका है। ईरान में इस आतंकी शासन की नींव हिल गयी है। यह कभी वैसा नहीं होगा जैसा यह कभी था, और मैं आपसे कहता हूं - इसका पतन निश्चित है।"उन्होंने 'मोसाद के लिए 30 वर्षों की समर्पित सेवा' के लिए बार्निया को धन्यवाद दिया और खुफिया एजेंसी की हालिया उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने 'इजरायल की सुरक्षा के लाभ के लिए उत्कृष्ट सफलताएं और उपलब्धियां हासिल की हैं।'श्री ट्रंप ने डी-एस्केलेशन समझौते की घोषणा की है, फिर भी मंगलवार को लड़ाई जारी रही। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गये, जबकि लेबनानी सशस्त्र बलों ने कहा कि हब्बौच और डेर एज़-ज़हरानी के बीच एक सड़क पर इजरायली ड्रोन हमले में दो सैनिक घायल हो गये।

इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनान से उत्तरी इजरायल में दागे गये दो प्रोजेक्टाइल को हवा में रोक लिया और कोई हताहत नहीं हुआ। श्री नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायली अभियान जारी रहेगा, जबकि हिज्बुल्ला के अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी व्यापक युद्धविराम में लेबनानी क्षेत्र से इजरायली बलों की वापसी शामिल होनी चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित