कांकेर , फरवरी 26 -- जीवन में सकारात्मक सोच और सृजनात्मक पहल से दूरगामी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। कभी हिंसा की राह पर भटके आत्मसमर्पित माओवादी आज नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहे हैं। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर विकासखंड मुख्यालय से लगे ग्राम चौगेल (मुल्ला) स्थित पुनर्वास केंद्र गुरुवार को सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल बन गया है।

जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हरेश मंडावी ने आज बताया कि यहां पुनर्वासित आत्मसमर्पित माओवादियों द्वारा प्राकृतिक एवं हर्बल गुलाल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत जिला प्रशासन के सहयोग से ये युवा अब मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं और विभिन्न स्वरोजगारमूलक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। श्री मंडावी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि इन युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना और समाज में उनकी सकारात्मक पहचान दिलाना भी है।

पुनर्वास केंद्र में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पलाश के फूल, मेंहदी, हल्दी, सिंदूर बीज, चुकंदर सहित अन्य प्राकृतिक वन उत्पादों से रसायनमुक्त और त्वचा के लिए सुरक्षित हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है। यह गुलाल पूरी तरह से प्राकृतिक होने के कारण त्वचा को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता और पर्यावरण के अनुकूल भी है।

होली पर्व के मद्देनजर इस हर्बल गुलाल की मांग लगातार बढ़ रही है। बाजार में बढ़ती मांग से जुड़े लोगों की आय में इजाफा हुआ है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं आत्मसमर्पित माओवादी मानकी नेताम, सामको नुरूटी, उंगी कोर्राम, डाली सलाम, गेंजो हुपेंडी और काजल वेड़दा ने बताया कि यह कार्य उन्हें बेहद रुचिकर लग रहा है। उनका कहना है कि होली के अवसर पर बढ़ती मांग से बेहतर आमदनी की उम्मीद है, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से कर सकेंगी।

चौगेल पुनर्वास केंद्र की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के सहारे कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की दिशा और दशा बदल सकता है। हिंसा का रास्ता छोड़ शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते ये कदम समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं।

यहां तैयार हो रहा हर्बल गुलाल केवल रंग नहीं, बल्कि नई शुरुआत, विश्वास और सम्मान की पहचान बन चुका है। जिला प्रशासन ने इन उत्पादों को स्थानीय बाजारों में उचित मंच दिलाने का आश्वासन दिया है, जिससे आने वाले दिनों में यह स्वरोजगार का एक सफल मॉडल बन सकेगा।

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