बेंगलुरु , अगस्त 07 -- हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने शुक्रवार को कर्नाटक राज्य संयोजक मोहन गौड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की निंदा की। संगठन का आरोप है कि पुलिस की यह कार्रवाई लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है और उसने इस मामले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
संगठन ने एक बयान में कहा कि व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 और 353(2) के तहत दर्ज प्राथमिकी गैर-जरूरी थी। यह उन नागरिकों को दंडित करने जैसा है जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से एक विवादास्पद कॉमेडी शो को रद्द करने की मांग करते हुए अपनी बात रखी थी।
समिति का कहना है कि हर नागरिक को अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने और ऐसे कार्यक्रमों पर आपत्ति जताने का संवैधानिक अधिकार है जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत होती हों। संगठन का तर्क है कि ऐसी मांगों के बारे में सोशल मीडिया पर राय जाहिर करने को गलत जानकारी या अफवाह फैलाना नहीं माना जा सकता, जिसके लिए गैर-जमानती मामला दर्ज किया जाए।
संगठन ने आगे आरोप लगाया कि हिंदू देवी-देवताओं और हिंदू धर्म का अपमान करने वाले कार्यक्रमों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वालों पर आपराधिक मामला दर्ज करने से गलत संदेश जाएगा और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति को हतोत्साहित किया जाएगा।
उसने कहा कि वह कानूनी तरीकों से प्राथमिकी को चुनौती देगा और भरोसा जताया कि अदालतें उसके पक्ष को सही ठहराएंगी।
समिति ने गौड़ा के खिलाफ प्राथमिकी को तुरंत वापस लेने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करने, शांतिपूर्ण याचिकाकर्ताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार बंद करने और कानूनी प्रावधानों के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य सरकार और पुलिस द्वारा कदम उठाए जाने की मांग की।
प्राथमिकी के अनुसार, व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन से जुड़े एक पुलिस कांस्टेबल (जो सोशल मीडिया पर नज़र रख रहे थे) ने पाया कि गौड़ा ने एक अगस्त को 'एक्स' पर एक वीडियो अपलोड किया था। इसमें दावा किया गया था कि हिंदू संगठनों की आपत्तियों के बाद व्हाइटफील्ड के एक स्थान पर होने वाला कॉमेडियन कुणाल कामरा का शो रद्द कर दिया गया था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि गौड़ा ने यह भी पोस्ट किया कि शो को कोरमंगला में शिफ्ट कर दिया गया है। उन पर जनता के बीच गलत जानकारी फैलाने के इरादे से वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आगे की जांच शुरू की।
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